yogi government will bear expenses of both big and small religious fairs in cities of up asked proposals from nikay यूपी के शहरों में इन आयोजनों का खर्च उठाएगी योगी सरकार, निकायों से पूछे जाएंगे ये सवाल, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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यूपी के शहरों में इन आयोजनों का खर्च उठाएगी योगी सरकार, निकायों से पूछे जाएंगे ये सवाल

राज्य सरकार यूपी के शहरी क्षेत्रों में लगने वाले छोटे और बड़े धार्मिक मेलों का ऐतिहासिक महत्व जनता को बताना चाहती है। बड़ी संख्या में ऐसे मेले हैं, जिनके बारे में लोगों को जानकारी नहीं है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इन मेलों को महत्व अधिक है। 

Sun, 18 Jan 2026 07:26 PMAjay Singh विशेष संवाददाता, लखनऊ
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यूपी के शहरों में इन आयोजनों का खर्च उठाएगी योगी सरकार, निकायों से पूछे जाएंगे ये सवाल

योगी सरकार उत्तर प्रदेश के शहरों में लगने वाले बड़ों के साथ छोटे धार्मिक मेलों का भी खर्च उठाएगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रांतीय मेले के लिए हुई व्यवस्था 50 करोड़ रुपये को अप्रैल 2026 तक खर्च किया जाना है। नगर विकास विभाग निकायों से मेले के संबंध में प्रस्ताव मांगने जा रहा है। इसमें पूछा जाएगा कि उनके यहां कितने प्रकार के धार्मिक मेले लग रहे हैं और इसका ऐतिहासिक महत्व क्या है। इसके आधार पर निकायों को मेला खर्च का पैसा दिया जाएगा।

राज्य सरकार प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में लगने वाले छोटे और बड़े धार्मिक मेलों का ऐतिहासिक महत्व जनता को बताना चाहती है। प्रदेश में काफी संख्या में ऐसे मेले हैं, जिनके बारे में लोगों को जानकारी नहीं है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इन मेलों को महत्व अधिक है। उदाहरण के लिए बलरामपुर के देवीपाटन मंदिर पर नवरात्र में लगने वाला मेला काफी महत्व वाला है। इसमें यूपी ही नहीं देशभर के काफी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।

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इसी तरह प्रदेश के अन्य शहरों में भी कई मेले लगते हैं। इसीलिए उच्च स्तर पर यह फैसला हुआ था कि स्थानीय धार्मिक मेलों का प्रांतीयकरण किया जाए और इस पर आने वाला खर्च शासन स्तर से दिया जाए। प्रदेश के सभी जिलों से इसके लिए प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा जा चुका है। शासन स्तर पर यह देखा जा रहा कि प्रदेश के कितने जिलों से धार्मिक मेलों के संबंध में प्रस्ताव आ चुके हैं और कितने नहीं आए हैं।

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प्रदेश के जिन जिलों से धार्मिक मेलों के संबंध में प्रस्ताव नहीं आए हैं उन्हें इस संबंध में पत्र भेजकर प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा जाएगा। इस वित्तीय वर्ष में बचा हुआ पैसा निकायों को दिया जाएगा और जरूरत के आधार पर नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट का प्रावधान भी कराया जाएगा, जिससे प्रदेश के सभी धार्मिक मेलों के महत्व के बारे में लोगों को परिचित कराया जा सके और मेलों में बेहतर सुविधाएं दी जा सकें।

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