योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, एक लाख घूस लेने में एआईजी स्टांप सस्पेंड और ऑपरेटर बर्खास्त
योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई की है। एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े जाने पर एआईजी को निलंबित कर दिया है और संविदा पर रखे गए आपरेटर की सेवा समाप्त कर दी गई है।

योगी सरकार ने शामली में सहायक महानिरीक्षक निबंधक (एआईजी) रविंद्र मेहता व कंप्यूटर ऑपरेटर को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े जाने पर एआईजी को निलंबित कर दिया है और संविदा पर रखे गए आपरेटर की सेवा समाप्त कर दी गई है।
स्टांप तथा पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को शत-प्रतिशत लागू करने की बात दोहराते हुए कहा है कि सरकार जनता के हित से कोई समझौता नहीं करेगी। रविंद्र मेहता सहायक महानिरीक्षक निबंधक शामली और अश्विनी कुमार कंप्यूटर ऑपरेटर सेवा प्रदाता को एक लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में 9 दिसंबर को थाना-आदर्शनगर, शामली में भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 के तहत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था। एंटी करप्शन कोर्ट ने रवींद्र को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
रवींद्र जायसवाल ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध त्वरित और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि विभागीय कार्य पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ किए जाएं, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।




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