यूपी में यहां के जिला समाज कल्याण अधिकारी पर योगी सरकार का बड़ा ऐक्शन,सस्पेंड
यूपी में हरदोई के जिला समाज कल्याण अधिकारी पर योगी सरकार का बड़ा ऐक्शन हुआ। लपरवाही पर जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाकांत को निलंबित कर दिया गया है।

योगी सरकार ने शासकीय कार्यों में शिथिलता बरतने और लापरवाही करने के आरोप में हरदोई के जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाकांत को निलंबित कर दिया गया है। वृद्धावस्था पेंशन व कर्मियों की भर्ती की प्रक्रिया में लापरवाही बरतना उन्हें भारी पड़ा। समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक जे.राम को इस मामले में जांच अधिकारी बनाया गया है।
समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतना और भ्रष्टाचार करना भारी पड़ेगा। भ्रष्टाचार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। हरदोई के जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाकांत पर आरोप हैं कि जिले में संचालित दो जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय चठिया धनवार व कछौना में 14 चतुर्थ श्रेणी कर्मी व दो इलेक्ट्रिशियन की भर्ती में सेवा प्रदाता फर्म के चयन में शिथिलता बरती, आमंत्रित निविदा की फाइल करीब दो महीने देर से तैयार की और पात्र व अपात्र फर्मों की गलत जानकारी उच्चाधिकारियों को भेजी।
जीरो पावर्टी योजना के तहत वृद्धावस्था पेंशन के पात्र पाए गए 1219 परिवारों के सापेक्ष मात्र 116 परिवारों के ही आवेदन पोर्टल पर दर्ज पाए गए। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना की प्रगति रिपोर्ट में चयनित ग्रामों के सापेक्ष सभी जरूरी फॉर्म समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए। जन समस्याओं के समाधान के लिए समाधान दिवस के संचालन में उदासीनता व लापरवाही बरती। ऐसे में उप्र सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1956 व सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली,1999 का उल्लंघन मानते हुए इनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करते हुए जांच बैठाए जाने के आदेश दिए गए हैं।




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