yogi government has given a big relief to entrepreneurs they will no longer have to go to jail for industrial crimes योगी सरकार ने उद्यमियों को दी बड़ी राहत, औद्योगिक अपराधों के लिए अब नहीं जाना होगा जेल, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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योगी सरकार ने उद्यमियों को दी बड़ी राहत, औद्योगिक अपराधों के लिए अब नहीं जाना होगा जेल

इसमें पहले नियमों के छोटे-छोटे उल्लंघनों पर जेल या सजा का प्रावधान था। अब भारी जुर्माना और अन्य प्रशासनिक कार्रवाई की व्यवस्था की गई है। फैक्ट्री लाइसेंस की अवधि बढ़ाने, दुकानों और प्रतिष्ठानों के नियमों में व्यावहारिक बदलाव करने और महिलाओं को अधिक मौके उपलब्ध कराने जैसे कदम शामिल हैं।

Wed, 29 Oct 2025 09:40 AMAjay Singh विशेष संवाददाता, लखनऊ
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योगी सरकार ने उद्यमियों को दी बड़ी राहत, औद्योगिक अपराधों के लिए अब नहीं जाना होगा जेल

योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में उद्योगों और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए 10 प्रमुख अधिनियमों में करीब 99 प्रतिशत आपराधिक प्रावधान समाप्त कर दिए हैं। नई व्यवस्था में सजा की व्यवस्था समाप्त कर उसके स्थान पर सिर्फ आर्थिक दंड और प्रशासनिक कार्रवाई की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य प्रदेश में व्यापार को करना आसान और श्रमिकों के हितों की सुरक्षा करना है। इसके लिए लाइसेंस औपचारिकताएं सरल होंगी, निरीक्षण-प्रक्रिया पारदर्शी होगी और निवेशकों को डिजिटल प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इसके लिए उत्तर प्रदेश सुगम्य व्यापार (प्रावधानों का संशोधन) अध्यादेश-2025 को कैबिनेट बाई सुर्कलेशन से मंजूरी दे दी है। उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम में छह माह के कारावास की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इसके स्थान पर पहली बार नियमों का उल्लंघन करने पर 75 हजार और दोबारा उल्लंघन पर दो लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। अध्यादेश में प्रावधानों के अनुसार आबकारी अधिनियम, शीरा अधिनियम, गन्ना अधिनियम, नगर निगम अधिनियम, भूगर्भ जल अधिनियम, प्लास्टिक कचरा अधिनियम, सिनेमा अधिनियम और पंचायत अधिनियम जैसे कई कानूनों में बदलाव किए गए हैं। इसमें पहले नियमों के छोटे-छोटे उल्लंघनों पर जेल या सजा का प्रावधान था।

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उसके स्थान पर अब भारी जुर्माना और अन्य प्रशासनिक कार्रवाई की व्यवस्था की गई है। फैक्ट्री लाइसेंस की अवधि बढ़ाने, दुकानों व प्रतिष्ठानों के नियमों में व्यावहारिक बदलाव करने और महिलाओं को अधिक अवसर उपलब्ध कराने जैसे कदम शामिल हैं। निरीक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए स्व-सत्यापन और थर्ड पार्टी ऑडिट की प्रणाली अपनाई जाएगी। इन सुधारों से जहां उद्योगों का बोझ कम होगा, वहीं श्रमिकों का हित भी सुरक्षित होगा।

उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन पर पहली बार 75 हजार और दूसरी बार दो लाख रुपये तक जुर्माना वसूला जाएगा। उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल प्रबंधन एवं विनियमन अधिनियम का उल्लंघन करने पर पांच लाख रुपये से लेकर एक करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान है। औद्योगिक शांति मजदूरी का यथासमय भुगतान न करने के नियमों का उल्लंघन पर जांच के अनुसार दंड की व्यवस्था की गई है।

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