Yogi government decision UP 15 CHCs will become 30-bed modern hospitals, patients will get relief from 15 सीएचसी बनेंगी 30 बेड वाला आधुनिक अस्पताल, योगी सरकार के फैसले से मरीजों को मिलेगी राहत, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

15 सीएचसी बनेंगी 30 बेड वाला आधुनिक अस्पताल, योगी सरकार के फैसले से मरीजों को मिलेगी राहत

यूपी की 15 सीएचसी 30 बेड वाला आधुनिक अस्पताल बनेंगी। इन अस्पतालों को सुसज्जित करने के साथ ही वहां पर्याप्त स्टाफ और दवाओं की व्यवस्था करेंगे। इन सभी सीएचसी पर मरीजों को इलाज नि:शुल्क मिलेगा। योगी सरकार के इस फैसले से मरीजों को राहत मिलेगी।

Wed, 3 Sep 2025 07:34 AMDeep Pandey लाइव हिन्दुस्तान
share
15 सीएचसी बनेंगी 30 बेड वाला आधुनिक अस्पताल, योगी सरकार के फैसले से मरीजों को मिलेगी राहत

योगी सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण फैसला लिया है। प्रदेश के 15 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अब पीपीपी मोड पर संवरेंगे। उन्हें 30 शैय्यायुक्त एफआरयू (फर्स्ट रेफरल यूनिट) के तौर पर विकसित किया जाएगा। सरकार उन्हें जैसा है-जहां है, की स्थिति में 30 साल के लिए निजी विकासकर्ताओं को देगी। वे इन अस्पतालों को सुसज्जित करने के साथ ही वहां पर्याप्त स्टाफ और दवाओं की व्यवस्था करेंगे। इन सभी सीएचसी पर मरीजों को इलाज नि:शुल्क मिलेगा। इनके इलाज और जांचों पर आने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति सरकार करेगी।इससे जुड़े चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव को मंगलवार को योगी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। सरकार ओपीडी, आईपीडी व जांचों का खर्च उठाने के साथ ही अस्पताल संचालन के लिए सालाना धनराशि भी दी जाएगी। इसके लिए बिडिंग प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

सरकार सीएचसी की भूमि और भवन निजी संस्था को सौंपेगी लेकिन कोई सरकारी कर्मचारी वहां स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। स्टाफ की व्यवस्था निजी विकासकर्ता को ही करनी होगी। बिजली और पानी जैसी जरूरी सुविधाओं की आपूर्ति आसान दरों पर कराई जाएगी। मरीजों को दी जाने वाली निःशुल्क सेवाओं की मासिक प्रतिपूर्ति इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड के आधार पर की जाएगी। ओपीडी में सीजीएचएस और आईपीडी में प्रधानमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान योजना की दर पर प्रतिपूर्ति की जाएगी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:UP सरकार शुरू करने जा रही बड़ा अभियान, 6 को योगी के समक्ष अफसर बताएंगे प्लान

निजी विकासकर्ता की यह होगी जिम्मेदारी

निजी विकासकर्ता को अपनी लागत से अस्पताल का आधुनिकीकरण करना होगा। सभी दवाएं राज्य औषधि सूची के अनुसार मुफ्त उपलब्ध करानी होंगी। इसके लिए उसे वहां एक फार्मेसी की व्यवस्था करनी होगी। जेनरिक दवाओं की भी व्यवस्था करनी होगी। छह माह के भीतर एनक्यूएएस और एनएबीएल प्रमाणन लेना अनिवार्य होगा। अस्पताल के संचालन में सभी मानकों का पालन करना होगा। सरकारी विभागों से जरूरी स्वीकृतियां प्राप्त करने में भी सरकार सहयोग करेगी। यदि बीमा सीमा से अधिक खर्च होता है तो अतिरिक्त भुगतान सरकार की ओर से किया जाएगा। शुरुआती तीन वर्षों तक अगर आय तय सीमा से कम रहती है तो सरकार इसकी भरपाई करेगी। हालांकि दवाओं के लिए कोई अलग प्रतिपूर्ति नहीं दी जाएगी।

यह सीएचसी होंगे अपग्रेड

महराजगंज की सीएचसी अड्डा बाजार, सोनभद्र की बभनी सीएचसी, गोरखपुर की बेलघाट सीएचसी, चंदौली की भोगवारा सीएचसी, खीरी की चंदन चौकी सीएचसी, वाराणसी की गजोखर सीएचसी, श्रावस्ती की मल्हीपुर सीएचसी, लखनऊ की नगराम सीएचसी, बलरामपुर की नंद नगर खजुरिया सीएचसी, चित्रकूट की राजपुर सीएचसी, सिद्धार्थनगर की सिरसिया सीएचसी, बलिया की सुखपुरा सीएचसी और कुशीनगर की तुरकहा खड़्डा सीएचसी शामिल हैं।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।