योगी कैबिनेट ने यूपी के इस विश्वविद्यालय की खत्म की मान्यता, क्या रही कार्रवाई की वजह?
योगी कैबिनेट ने मंगलवार को शिकोहाबाद में संचालित निजी विश्वविद्यालय जेएस विश्वविद्यालय की मान्यता खत्म कर दी है। विश्वविद्यालय के सभी दस्तावेज आगरा के डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय को सौंप दिया गया है।

यूपी कैबिनेट ने मंगलवार को शिकोहाबाद में संचालित निजी विश्वविद्यालय जेएस विश्वविद्यालय की मान्यता खत्म कर दी है। विश्वविद्यालय के सभी दस्तावेज आगरा के डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय को सौंप दिया गया है। अभी जेएस विश्वविद्यालय में पढ़ रहे विद्यार्थियों को जेएस विश्वविद्यालय से ही डिग्री मिलेगी, लेकिन मौजूदा सभी बैच खत्म होने के बाद विश्वविद्यालय समाप्त हो जाएगा। फर्जी मार्कशीट प्रकरण में दोषी पाए जाने पर जेएस विश्वविद्यालय पर कार्रवाई की गई है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि बीते दिनों पता चला कि फिरोजाबाद जिले में शिकोहाबाद स्थित जेएस विश्वविद्यालय ने मार्कशीट और डिग्रियां जारी की हैं।
विश्वविद्यालय का यह कृत्य राजस्थान की शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती-2022 में चयनित अभ्यर्थियों की अंकतालिकाओं व डिग्रियों के सत्यापन में पता चला। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सुकेश यादव और कुलसचिव वंदन मिश्र की गिरफ्तारी भी हुई है। मामले की जांच के लिए उच्च शिक्षा परिषद के अवर सचिव को जांच करने के लिए भेजा गया था, लेकिन विश्वविद्यालय ने उन्हें सहयोग नहीं दिया। इसके बाद फिरोजाबाद के डीएम से मामले की जांच करवाने के लिए कहा गया। राजस्थान पुलिस ने गृह विभाग से जांच करवाने के लिए पत्र लिखा था, जिसके बाद ईओडब्ल्यू ने जांच की।
फर्जी मार्कशीट बांट रहा था विश्वविद्यालय
सभी जांच रिपोर्टों में पाया गया कि विश्वविद्यालय फर्जी मार्कशीट बांट रहा है। राजस्थान में पकड़ी गई मार्कशीट बैकडेट में बीपीएड में प्रवेश देकर बनाई गई थीं। इसके अलावा बिना मान्यता के कृषि समेत कई कोर्स भी चलाए जा रहे थे। विश्वविद्यालय के पास 40 एकड़ भूमि होनी चाहिए थी जबकि उसके पास 35.637 एकड़ जमीन मिली है। यह भी मान्यता शर्तों का उल्लंघन है। विश्वविद्यालय की मान्यता समाप्त कर दी गई है। जेएस विश्वविद्यालय के सभी दस्तावेज आगरा स्थित बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय को सौंप दिए गए हैं। उसके द्वारा सत्यापित मार्कशीट और डिग्रियां ही मान्य होंगी। इसके अतिरिक्त जेएस विश्वविद्यालय के बचे हुए बैच के संचालन व दस्तावेजों आदि के सत्यापन के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। कुलपति आगरा विश्वविद्यालय अध्यक्ष होंगे जबकि कुलसचिव आगरा विश्वविद्यालय और फिरोजाबाद के डीएम द्वारा नामित एडीएम इसके सदस्य होंगे।




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