यूपी में आउटसोर्सिंग निगम बनेगा, हर महीने 1 से 5 तारीख के बीच सैलरी; योगी कैबिनेट में 15 फैसले
Yogi Cabinet: योगी कैबिनेट में 15 अहम फैसले हुए हैं। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। इनके हितों के संरक्षण व उन्हें शोषण से बचाने के लिए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के गठन को भी मंजूरी मिल गई।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार सुबह 11 बजे लोकभवन में कैबिनेट की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में 15 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी है। प्रदेश के लाखों आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने और उन्हें शोषण से बचाने के लिए 'उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम' के गठन का प्रस्ताव मंजूर हो गया है। आउट सोर्सिंग निगम मे जेम पोर्टल के जरिए सर्विस प्रोवाइडर रखे जाएंगे। नियुक्ति अवधि तीन साल की होगी। 1 से 5 तारीख तक सैलरी मिलेगी। सभी देय खाते में जाएंगे। इसके अलावा निर्यातकों, कर्मचारियों, निवेशकों और आम नागरिकों से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी मिली है।
कैबिनेट में नगर विकास विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। इसके तहत कानपुर व लखनऊ के लिए सौ-सौ ई-बसें खरीदी जाएंगी। कैबिनेट की बैठक में कानपुर और लखनऊ दोनों शहरों के लिए 100-100 नई ई-बसें खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इससे इन दोनों बड़े शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा और बेहतर होगी।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश व रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत विभिन्न कंपनियों को लेटर आफ कम्फर्ट जारी करने संबंधी प्रस्तावों पर मुहर लग गई। स्टांप विभाग को सरकारी विभाग घोषित करने का औपचारिक प्रस्ताव कैबिनेट से पास हो गया। आईटी विभाग के तहत 'उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रानिक्स घटक विनिर्माण नीति-2025' को भी मंजूरी मिली। मकसद उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कैबिनेट की बैठक में यूपी की नई निर्यात नीति को मंजूरी ली। इसके अलावा पैतृक सम्पत्ति का बटवारे के लिए रजिस्ट्री अब पांच हजार रुपये के शुल्क पर किए जाने संबंधी प्रस्ताव पास हो गया है। नई निर्यात नीति पांच साल के वर्ष 2030 तक लिए होगी। इसमें टैरिफ वार को देखते हुए यूपी के निर्यातकों व कारोबारियों के लिए खास रियायतों का प्रावधान होगा।




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