सप्ताह में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का प्रयोग करें मंत्री, योगी ने मंत्रिमंडल की मीटिंग में ये अपील भी की
सीएम योगी ने कहा कि मंत्री सप्ताह में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का प्रयोग करें। अगले छह माह तक प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों को अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर विदेश यात्राओं से परहेज करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश मंत्रिमंडल के सदस्यों से सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का आह्वान करते हुए शासन में मितव्ययिता, ऊर्जा संरक्षण और जनप्रेरक आचरण की नई कार्यसंस्कृति विकसित करने का संदेश दिया है। उन्होंने मंत्रियों से अपनी वाहन फ्लीट को 50 प्रतिशत तक कम करने का भी आह्वान किया है। साथ ही मुख्यमंत्री ने अगले छह माह तक प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों को अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर विदेश यात्राओं से परहेज करने के निर्देश दिए हैं।
गुरुवार को मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सम्पन्न विस्तारित मंत्रिमंडल की पहली बैठक में मुख्यमंत्री ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक उत्तरदायी, अनुशासित और संसाधन-संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दायित्व भी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पेट्रोल और डीजल की खपत को न्यूनतम रखने संबंधी आह्वान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल को स्वयं आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री सप्ताह में एक निर्धारित दिन मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, कारपूलिंग अथवा साइकिल जैसी सुविधाओं का उपयोग करें, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए और आमजन भी इससे प्रेरणा लें। उन्होंने शासन एवं प्रशासनिक कार्यों में डिजिटल और वर्चुअल माध्यमों के अधिकतम उपयोग पर बल देते हुए निर्देश दिए कि अंतरजनपदीय बैठकें, प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा विधानसभा एवं विधान परिषद की स्टैंडिंग कमेटियों की बैठकें यथासंभव हाइब्रिड मोड में आयोजित की जाएं।
24 डिग्री पर चलाएं एसी, वर्क फ्राम होम पर जोर
मुख्यमंत्री ने सचिवालय और निदेशालय स्तर पर एयरकंडीशनर एवं लिफ्ट के आवश्यकता-आधारित उपयोग के निर्देश देते हुए एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने तथा प्राकृतिक प्रकाश के अधिकतम उपयोग को प्रोत्साहित करने की बात कही। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन, रेल यात्रा और कारपूलिंग को बढ़ावा देने के साथ 50 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में सप्ताह में कम से कम दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था अपनाने पर भी बल दिया।
अनावश्यक व्यय पर रोक लगे
मुख्यमंत्री ने सामाजिक आयोजनों में भी मितव्ययिता और स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शादी-विवाह एवं अन्य समारोहों के लिए घरेलू स्थलों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि अनावश्यक व्यय पर रोक लगे और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिले। ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को व्यवहार में उतारने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री उपहार स्वरूप उन्हीं वस्तुओं का उपयोग करें, जिनका निर्माण उत्तर प्रदेश में होता है। उन्होंने कहा कि 'एक जिला-एक उत्पाद' योजना के तहत प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्थानीय उत्पादों की समृद्ध श्रृंखला उपलब्ध है, जिन्हें प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
पीएनजी को दें प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने एलपीजी सिलेंडर के स्थान पर पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए आवश्यक नीतिगत बदलाव तत्काल किए जाएं। उन्होंने कॉमर्शियल एलपीजी उपयोगकर्ताओं को भी पीएनजी से जोड़ने की जरूरत बताई। मुख्यमंत्री ने आयातित वस्तुओं के न्यूनतम उपयोग पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने तिलहन उत्पादन, प्राकृतिक खेती और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने खाद्य तेल की खपत कम करने तथा इसके प्रति जनजागरूकता बढ़ाने की बात कही। साथ ही, सोने के अनावश्यक आयात को हतोत्साहित करने और वर्षा जल संरक्षण को जनांदोलन का रूप देने की अपील भी की।




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