शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए खुशखबरी, इसी महीने से मिलेगा बढ़ा मानदेय, CM योगी का ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूल चलो अभियान के शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अनुदेशकों को 17 हजार रुपये और शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये का मानदेय इसी महीने से लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को 'स्कूल चलो अभियान' के शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अनुदेशकों को 17 हजार रुपये और शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये का मानदेय इसी महीने से लागू किया जाएगा। साथ ही सरकार पांच लाख रुपये कैशलेस स्वास्थ्य की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
सीएम योगी ने ने कहा, 'आपने देखा होगा अभी हाल ही में हमारी सरकार ने कुछ निर्णय लिए हैं। अनुदेशकों को सत्रह हज़ार रुपए का मानदेय, शिक्षा मित्रों को अठारह हज़ार रुपए का मानदेय। इसी महीने से हम लागू करने जा रहे हैं। शिक्षक, शिक्षामित्र, रसोईया या फिर अनुदेशक इन सभी को हम लोगों ने व्यवस्था की है। पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए सरकार उसमें योगदान कर रही है।'
योगी ने आगे कहा, 'आप सब से अनुरोध होगा पहली से लेकर के पंद्रह अप्रैल तक के पंद्रह दिन तक स्कूल चलो अभियान के साथ हर शिक्षक को जुड़ना चाहिए। अच्छा होगा प्रधानाचार्य किसी दिन सभी अभिभावकों के साथ भी बैठे। फिर सुबह विद्यालय अगर आठ बजे प्रारंभ हो रहा है, सात बजे आप घर से निकल करके उस गांव में अलग-अलग शिक्षक अलग अलग मोहल्ले में एक बार राउंड लगाते हुए जाएं। हर अभिभावक का घर खटखटाए और दस्तक दीजिए। बोलिए आपका बच्चा स्कूल से वंचित तो नहीं। सब कुछ सरकार फ्री में दे रही है। आप अपना रजिस्ट्रेशन करवाइए। चलो अपने हाथ से बच्चे को स्कूल लेकर जाइए। कोई बच्चा छूटने न पाए। यह संकल्प जब हर शिक्षक का होगा, हर शिक्षामित्र, हर अनुदेशक का होगा।'
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में स्कूली शिक्षा पर लगभग 80 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और इसके अनुरूप परिणाम भी सामने आने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षकों, रसोइयों और अनुदेशकों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। अनुदेशकों को 17 हजार रुपये और शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। इसके साथ ही शिक्षक, रसोइया और अनुदेशक सभी को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
योगी ने बेसिक शिक्षा विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जहां पहले कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नहीं थे, वहां अब बजट उपलब्ध कराकर उन्हें स्थापित किया गया है और इन्हें 12वीं तक विस्तारित किया गया है। श्रमिकों और निराश्रित बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय शुरू किए गए हैं। प्रत्येक जनपद में पहले दो कंपोजिट विद्यालय थे, जबकि अब बजट में दो अतिरिक्त विद्यालय बनाए जा रहे हैं, जहां प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक एक ही परिसर में शिक्षा की सुविधा मिलेगी। साथ ही बाल वाटिकाओं का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।




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