देर रात तक एसआईआर का काम करते रहे, सुबह हार्ट अटैक, यूपी में एक और बीएलओ की मौत
यूपी में विशेष मतदाता पुनरीक्षण कार्य यानी एसआईआर में लगे एक और बीएलओ की मौत हो गई है। शुक्रवार को एसआईआर के अंतिम दिन देर रात तक काम करते रहे और सुबह हार्ट अटैक आया। परिजनों का आरोप है कि काम के बोझ के कारण हार्ट अटैक से उनका निधन हुआ है।

यूपी में विशेष मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में लगे एक और बीएलओ की मौत हो गई है। मेरठ में कंकरखेड़ा के शोभापुर में तैनात बीएलओ विनीत कुमार की रोहटा रोड स्थित निवास पर हार्ट अटैक से जान चली गई। विनीत सहायक अध्यापक पद पर कस्बा करनावल के प्राथमिक विद्यालय में तैनात थे। परिजनों का आरोप है कि एसआईआर के अंतिम दिन 26 दिसंबर को काम का बोझ अधिक होने से वह देर रात तक काम करते रहे। सुबह हार्ट अटैक आने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। रास्ते में उनका निधन हो गया।
विनीत कुमार पुत्र वीर सिंह कस्बा करनावल के प्राथमिक विद्यालय संख्या-2 में सहायक अध्यापक के रूप में तैनात थे। परिजनों के अनुसार विनीत कुमार गोल्ड कोस्ट कॉलोनी, रोहटा रोड, मेरठ के निवासी थे। वर्तमान में उनकी ड्यूटी बीएलओ के रूप में एसआईआर के कार्य में लगी हुई थी। उन्हें बूथ संख्या-164, गोपाल जूनियर स्कूल, कमरा संख्या-4, शोभापुर, मेरठ में एसआईआर कार्य के लिए तैनात किया गया था।
परिजनों के अनुसार इसी दौरान वह गंभीर रूप से बीमार हो गए। वह पहले से ही अस्वस्थ चल रहे थे, जिसकी जानकारी उन्होंने अधिकारियों को दी थी। परिजनों ने बताया 26 दिसंबर को एसआईआर कार्य की अंतिम तिथि होने और कार्य के अत्यधिक दबाव के चलते उन्होंने देर रात तक कार्य निपटाया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। शनिवार सुबह करीब पांच बजे उन्हें हार्ट अटैक हुआ।
अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। साथी शिक्षकों और कर्मचारियों ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लगे कर्मचारियों के स्वास्थ्य परीक्षण और कार्य-दबाव को लेकर चिंता जताई है। प्रशासनिक स्तर पर मामले का संज्ञान लिया गया है।
यूपी में एसआईआर के काम में लगे करीब दस बीएलओ की जान गई है। इनमें कई ने काम के बोझ के कारण सुसाइड भी किया है। विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाया और विधानसभा में भी उठाया था। फिलहाल बीएलओ की मौतों की जांच जिला स्तर पर हो रही है।




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