लुटेरी दुल्हन के नाम पर पुलिस ने जिस महिला को पकड़ा, कोर्ट ने उसे अगले ही दिन दे दी जमानत
कानपुर में दारोगा से शादी करने वाली कथित लुटेरी दुल्हन को कोर्ट से रिहाई मिल गई। एसीजेएम सात की कोर्ट ने सबूतों को अपर्याप्त मानते हुए रिमांड अर्जी खारिज कर दी। साथ ही व्यक्तिगत बंध पत्र पर छोड़ने का आदेश दिया।

यूपी के कानपुर में दारोगा से शादी करने वाली कथित ‘लुटेरी दुल्हन’ को मंगलवार को कोर्ट से रिहाई मिल गई। पुलिस ने उसके खिलाफ दर्ज मामले में आठ धाराओं में रिमांड मांगी थी। लेकिन एसीजेएम सात की कोर्ट ने सबूतों को अपर्याप्त मानते हुए रिमांड अर्जी खारिज कर दी। साथ ही दिव्यांशी को व्यक्तिगत बंध पत्र पर छोड़ने का आदेश दिया। तत्कालीन विवेचक समेत अन्य अफसरों को तलब किया है।
जिले के ग्वालटोली थाने में तैनात बुलंदशहर के बीबी नगर के रहने वाले दारोगा आदित्य लोचव ने ग्वालटोली थाने में पत्नी दिव्यांशी के खिलाफ नवंबर 2024 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने 17 फरवरी 2024 को मेरठ के मवाना की रहने वाली दिव्यांशी चौधरी से शादी की थी। आरोप लगाया उसकी पत्नी लुटेरी दुल्हन है और मकान में कब्जा कर लिया है। बाद में पता चला कि पत्नी पहले में भी तीन लोगों से शादी कर दुष्कर्म का केस दर्ज करा लाखों रुपये वसूल चुकी है। अब उसे भी फंसाकर शादी की है।
इस मामले की जांच ग्वालटोली थाने में तैनात उपनिरीक्षक शुभम कुमार कर रहे थे। दिव्यांशी को सोमवार को गिरफ्तार कर मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। अधिवक्ता वरुण भसीन ने बताया कि पुलिस ने आपराधिक संहिता (बीएनएस) की 12 धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की थी, लेकिन अदालत ने पुलिस की रिमांड याचिका को साक्ष्य के अभाव में नामंजूर कर दिया।
पति-पत्नी के विवाद का मामला
कोर्ट ने दिव्यांशी को व्यक्तिगत बंध पत्र पर छोड़ने का आदेश दिया। साथ ही निर्देश दिया वह जांच में सहयोग करेगी तथा किसी भी प्रकार का दबाव, धमकी या प्रभाव नहीं डालेगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया यह मामला सिर्फ एक पति-पत्नी का विवाद है। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा रिमांड जैसी कठोर प्रक्रिया के लिए पुलिस आवश्यक साक्ष्य और आधार प्रस्तुत नहीं कर सकी। सिर्फ आरोप और अनुमानों के आधार पर रिमांड नहीं दी जा सकती है।




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