कौन संभालेगा यूपी बीजेपी की कमान? रेस में 1 पूर्व सांसद और 2 मंत्री भी शामिल; जोड़े जा रहे तार
प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल एक पूर्व सांसद पूरी शिद्दत से सारे तार जोड़ने में जुटे हैं। इसके साथ ही प्रदेश के एक बड़े चेहरे के करीबी माने जाने वाले सांसद संघ परिवार के अपने कनेक्शन का लाभ लेने को प्रयासरत हैं। सूबे के दो काबीना मंत्री भी इस रेस में शामिल हैं।

UP BJP New President: भाजपाइयों की नजर इन दिनों दिल्ली दरबार पर लगी है। हर कोई सांगठनिक बदलाव के इंतजार में है, जो राष्ट्रीय स्तर से लेकर प्रदेश तक होना है। संभावना जताई जा रहा है कि 21 जुलाई से शुरू हो रहे संसद सत्र से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान हो सकता है। इधर, यूपी के नये भाजपा मुखिया को लेकर भी चर्चाओं और कयासबाजी का सिलसिला तेज हो गया है। रेस में अन्य बड़े नामों के साथ एक पूर्व सांसद और दो कैबिनेट मंत्री भी शामिल हैं। दावेदारों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। दिल्ली से लेकर गुजरात तक तार जोड़े जा रहे हैं। मंदिरों-ज्योतिषियों के साथ ही संघ के दरबार में भी हाजिरी लगा रहे हैं।
यूपी में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी भाजपा अगले साल से शुरू कर देगी। 2027 का रण नये प्रदेश अध्यक्ष की अगुवाई में लड़ा जाएगा। यही कारण है कि यूपी भाजपा के नये मुखिया को लेकर पार्टी खासी सजगता बरत रही है। सियासी के साथ ही सामाजिक समीकरण साधने पर भी फोकस है।
एक ओर विपक्ष का पीडीए है तो दूसरी ओर अगड़ों और दलितों को भी साधना है। ऐसे में पार्टी इन सभी पहलुओं पर विचार कर रही है। जहां तक दावेदारों का सवाल है तो इनमें से कई अनुष्ठान भी करा रहे हैं। ज्योतिषियों की भी शरण में हैं।
दौड़ से अलग क्षत्रपों की भी दिलचस्पी
प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल एक पूर्व सांसद पूरी शिद्दत से सारे तार जोड़ने में जुटे हैं। वहीं प्रदेश के एक बड़े चेहरे के करीबी माने जाने वाले सांसद संघ परिवार के अपने कनेक्शन का लाभ लेने को प्रयासरत हैं। सूबे के दो काबीना मंत्री भी इस रेस में शामिल हैं। संघ के दरबार में भी इन दिनों दावेदारों की हाजिरी का सिलसिला बढ़ गया है। खास बात यह है कि 2027 पर निगाह लगाए बैठे कई ऐसे क्षत्रपों की दिलचस्पी भी नए प्रदेश अध्यक्ष में है, जो खुद इस दौड़ का हिस्सा नहीं हैं। ऐसे में गोपनीय मंत्रणाओं और गोटियां बिछाने का काम भी जोर-शोर से चल रहा है।




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