राजनीतिक पारी भी खेल चुके हैं प्रशांत कुमार सिंह, जानें कौन हैं इस्तीफा देने वाले अयोध्या डिप्टी कमिश्नर
शंकराचार्य विवाद में योगी के समर्थन में अयोध्या डिप्टी कमिश्नर ने इस्तीफा दे दिया है। एसटी अधिकारी प्रशांत कुमार सिंह प्रशासनिक अधिकारी बनने से पहले राजनीतिक पारी भी खेल चुके हैं। वर्ष 2011 में वह अमर सिंह की पार्टी लोकमंच के जिलाध्यक्ष थे।

शंकराचार्य विवाद में योगी-मोदी के समर्थन में अयोध्या के जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने इस्तीफा दे दिया। जीएसटी अधिकारी प्रशांत कुमार सिंह प्रशासनिक अधिकारी बनने से पहले राजनीतिक पारी भी खेल चुके हैं। वर्ष 2011 में वह अमर सिंह की पार्टी लोकमंच के जिलाध्यक्ष थे। एक वर्ष से अधिक समय तक वह इस पद पर थे। वर्तमान समय में उनके पैतृक आवास पर पिता त्रिपुरारी सिंह और मां रहती हैं। प्रशांत के बड़े भाई विश्वजीत सिंह लखनऊ में डॉक्टर हैं। त्याग पत्र देने की सूचना से उनके पिता त्रिपुरारी सिंह भी हतप्रभ हैं।
सरायलखंसी क्षेत्र के सरवां गांव निवासी प्रशांत कुमार सिंह अपनी इंटर तक की पढ़ाई आंबेडकर नगर के टांडा से की। वहां एनटीपीसी में उनके पिता त्रिपुरारी सिंह नौकरी करते थे। बाद में मऊ जनपद में बिजली विभाग में लिपिक के पद पर कई वर्षों तक सेवा दी। प्रशांत ने ग्रेजुएशन की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय से की। फिर मऊ में आकर कोचिंग चलाने लगे। वह बच्चों को पढ़ाते थे। घर पर खटाल (दूध का कारोबार) भी चलाते थे। इस बीच वह अमर सिंह की पार्टी से जुड़ गए। इन सबके बीच वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करते रहे। 1914-15 में पीसीएस की परीक्षा दी। उनका चयन कामर्शियल टैक्स विभाग में अधिकारी के पद पर हो गया। गांव में लोगों को जब उनके इस्तीफे की जानकारी हुई तो वे अवाक रह गए।
प्रशांत के भाई डॉक्टर और बहन तहसीलदार
प्रशांत कुमार सिंह के पिता त्रिपुरारी सिंह ने बताया कि उनके दो बेटे हैं। बड़े पुत्र डॉ. विश्वजीत हैं। वह लखनऊ में अपना क्लीनिक चलाते हैं। पुत्री जया सिंह कुशीनगर के हाटा में तहसीलदार के पद पर तैनात हैं। प्रशांत सिंह के मित्र बरपुर निवासी एडवोकेट अनोखे श्रीवास्तव ने बताया कि प्रशांत 2011 में अमर सिंह की पार्टी लोकमंच के जिलाध्यक्ष होने से पहले पीस पार्टी में भी सक्रिय थे। प्रशांत की ससुराल गाजीपुर में है। उनकी पत्नी का नाम बीना सिंह है। उन्हें दो पुत्रियां हैं।




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