रागिनी सोनकर ने भाजपा के 16000 करोड़ के फंड पर पूछा; योगी के मंत्री रील का किस्सा सुनाने लगे
यूपी विधानसभा में उस समय माहौल गरमा गया जब सपा विधायक रागिनी सोनकर ने मंत्री नंदी से निवेश और डिफेंस कॉरिडोर को लेकर तीखे सवाल पूछे। लेकिन योगी के मंत्री ने जवाब देने के बजाय उनके सवाल पढ़ने और सपा सरकार की बातें करने लगे।

उत्तर प्रदेश विधानसभा में गुरुवार का दिन हंगामे भरा रहा। दरअसल, सदन में उस समय माहौल गरमा गया जब समाजवादी पार्टी (सपा) की विधायक रागिनी सोनकर ने मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' से निवेश और डिफेंस कॉरिडोर को लेकर तीखे सवाल पूछे। वहीं, योगी के मंत्री ने जवाब देने के बजाय उनके सवाल पढ़ने लगे और सपा सरकार की बातें करने लगे। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। इस हंगामे का वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
दरअसल, विधानसभा में रागिनी सोनकर ने पहला सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में लाखों करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए, लेकिन धरातल पर सिर्फ 9 प्रतिशत ही परियोजनाएं क्यों दिख रही हैं? दूसरा सवाल डिफेंस कॉरिडोर को लेकर था। उन्होंने पूछा कि चित्रकूट, झांसी, अलीगढ़ और आगरा जैसे जिलों में अब तक प्रगति शून्य क्यों है। तीसरे सवाल में उन्होंने भाजपा के फंड को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में पार्टी के खाते में 800 करोड़ रुपये थे, जो अब 16 हजार करोड़ रुपये कैसे हो गए, जबकि अर्थव्यवस्था कमजोर बताई जा रही है।
जवाब देने की बजाय रील, फेसबुक का जिक्र करने लगे मंत्री
रागिनी के सवालों के जवाब में मंत्री नंद गोपाल गुप्ता खड़े हुए और उनके सवालों को पढ़ने लगे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें टोका। इसके बाद मंत्री विपक्ष पर निशाना साधते हुए सपा सरकार के कार्यकाल का जिक्र करने लगे। बहस के दौरान मंत्री रागिनी सोनकर की सोशल मीडिया गतिविधियों, इंस्टाग्राम और फेसबुक रील तक का उल्लेख करने लगे, जिससे विपक्ष ने आपत्ति जताई।
वित्त मंत्री को बीच में देना पड़ा दखल
सदन में बढ़ते शोर-शराबे के बीच स्थिति संभालने के लिए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना को हस्तक्षेप करना पड़ा। इसके बाद कार्यवाही आगे बढ़ सकी। इस घटनाक्रम के बाद एक बार फिर सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक सामने आ गई। वहीं, इस बयान का वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
विधानसभा में प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सपा का बहिष्कार
विधानसभा में समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने प्रदेश की खराब कानून-व्यवस्था और सरकार द्वारा दिए गए जवाब से असंतुष्ट होकर सदन का बर्हिगमन किया। सपा सदस्यों ने कहा कि कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत प्रयागराज में बच्चों की मौत और मेरठ में मां की हत्या और बेटी को अगवा करने के मामले में सरकार से जवाब मांगा है, लेकिन सही जवाब न देकर एनसीआरबी के आंकड़े गिनाए जाने से असंतुष्ट सपा सदस्यों ने इसका विरोध किया।




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