The day begins with a 1.25-inch replica of Kashi Vishwanath, energizing foreign doctors काशी विश्वनाथ की सवा इंच की प्रतिकृति के साथ दिन की शुरुआत, विदेशी डॉक्टरों को दे रही ऊर्जा, Varanasi Hindi News - Hindustan
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काशी विश्वनाथ की सवा इंच की प्रतिकृति के साथ दिन की शुरुआत, विदेशी डॉक्टरों को दे रही ऊर्जा

आईएनकॉन-25 में काशी आए दुनियाभर के न्यूरोलॉजिस्ट और न्यूरो साइंटिस्ट यहां से लौटकर भी बाबा विश्वनाथ की ऊर्जा महसूस कर रहे हैं। आईएनकॉन के समापन पर स्मृति चिह्न के रूप में दी गई बाबा विश्वनाथ की सवा इंच की प्रतिकृति को नमन कर दिन की शुरुआत कर रहे हैं।

Sun, 16 Nov 2025 12:33 PMYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान, वाराणसी
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काशी विश्वनाथ की सवा इंच की प्रतिकृति के साथ दिन की शुरुआत, विदेशी डॉक्टरों को दे रही ऊर्जा

आईएनकॉन-25 में काशी आए दुनियाभर के न्यूरोलॉजिस्ट और न्यूरो साइंटिस्ट यहां से लौटकर भी बाबा विश्वनाथ की ऊर्जा महसूस कर रहे हैं। आईएनकॉन के समापन पर स्मृति चिह्न के रूप में दी गई बाबा विश्वनाथ की सवा इंच की प्रतिकृति को नमन कर दिन की शुरुआत कर रहे हैं। इस प्रतिकृति को किसी ने अपने कार्यालय में लगा रखा है तो किसी ने पूजा स्थल पर स्थान दिया है। आयोजक मंडल के सदस्य हर दिन इस प्रतिकृति से जुड़े बधाई और आभार संदेश पाकर गदगद हैं।

आईएनकॉन-25 के आयोजन सचिव बीएचयू के प्रो. विजयनाथ मिश्र ने बताया कि 2023 में मदुरै में इसके तीसरे संस्करण के दौरान ही चौथा संस्करण काशी में कराने की स्वीकृति मिली थी। तभी से यह विचार मन में था कि दुनियाभर से आने वाले प्रतिनिधियों को कोई यादगार भेंट दी जाए। काफी मंथन के बाद तय हुआ कि बाबा विश्वनाथ की अरघे के साथ प्रतिकृति तैयार कराई जाए। मगर कई प्रयासों के बाद भी मनचाही प्रतिकृति नहीं मिल सकी। 2024 के सितंबर महीने में कलाधर्मी मनीष खत्री और अनिल शर्मा ने जोगाई आर्ट्स का नाम सुझाया। बाबा के आशीर्वाद से कई प्रयासों के बाद यह लगभग सवा इंच की प्रतिकृति उस दिन तैयार हुई जब हर मॉडल से असंतुष्ट होकर टीम समाधान के लिए बाबा विश्वनाथ के दरबार पहुंची।

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एक साल में ऐसी ढाई हजार प्रतिकृतियां तैयार कराई गईं और आईएनकॉन के अंतिम दिन सभी प्रतिनिधियों को भेंट किया गया। इटली से आए डॉ. इमरसन ने इस प्रतिकृति को अपने साथ रखा है। प्रो. मिश्रा को संदेश भेजकर उन्होंने लिखा ‘शिवा इज पावर (शिव ही शक्ति हैं)’। पीट्सबर्ग चिल्ड्रेंस हॉस्पिटल अमेरिका के निदेशक प्रो. उदयभान पांडेय ने बताया कि वह बाबा की प्रतिकृति लेकर पहुंचे तो पीट्सबर्ग के भारतीय परिवारों ने उनके दर्शन के लिए भीड़ लगा दी।

येल विश्वविद्यालय अमेरिका के डॉ. निशांत मिश्रा बताते हैं कि वह प्रतिदिन बाबा की प्रतिकृति को शिवतांडव स्रोत सुनाकर दिन की शुरुआत करते हैं। सिंगापुर के न्यूरो रेडियोलॉजिस्ट डॉ. विजय शर्मा ने अपने ऑफिस में बाबा को विराजित किया है। इनके अलावा ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, आयरलैंड, स्वीडन, कनाडा, अमेरिका, न्यूजीलैंड सहित दुनिया के कई देशों में बाबा की यह प्रतिकृति और चंदन की सुगंध पहुंच गई है।

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