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बोले काशी- सारी सड़कें बदहाल, आवारा कुत्तों से लोग बेहाल

Varanasi News - वाराणसी के बजरंग नगर कॉलोनी में सड़कें जर्जर हो चुकी हैं, जिससे लोग पैदल चलने में भी कठिनाई का सामना कर रहे हैं। बारिश में जलजमाव, स्ट्रीट लाइटों की कमी, और पानी की पाइप लाइन न होने से नागरिकों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। वे ठोस समाधान की मांग कर रहे हैं।

Wed, 1 April 2026 12:22 AMNewswrap हिन्दुस्तान, वाराणसी
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बोले काशी- सारी सड़कें बदहाल, आवारा कुत्तों से लोग बेहाल

वाराणसी। कॉलोनी की एक-दो नहीं, सभी आठों लेन की रोड मुद्दत से बदहाल हैं। पैदल चलें या बाइक से, हिचकोलों से शरीर का एक-एक हिस्सा हिल जाता है। ठोकर लगने या लड़खड़ाने-गिरने का क्रम बना हुआ है। हर साल बरसात के दो-तीन माह जलजमाव लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त रहती है। पानी का पाइप नहीं है लेकिन 300 मकानों को वाटर टैक्स का बोझ झेलना पड़ता है। जरूरत के मुताबिक स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी हैं। छुट्टा पशुओं, कुत्तों के चलते माहौल अक्सर असहज रहता है। लोग आश्वासन नहीं, ठोस पहल चाहते हैं। -----------------वरुणापार का रमरेपुर नगर निगम का पुराना मोहल्ला है। कॉलोनियों के विस्तार के चलते उसे वार्ड बने भी ढाई दशक बीत चुका है।

इसी वार्ड की अंग है बजरंग नगर कॉलोनी। पांडेयपुर काली मंदिर से भक्ति नगर रोड पर बसी कॉलोनी की लगभग एक हजार की आबादी अच्छी सड़क, स्ट्रीट लाइट और जलनिकासी जैसी नितांत बुनियादी सुविधाओं का अभाव झेल रही है। ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में नागरिकों ने उन समस्याओं पर फोकस किया जिनके चलते उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है। किशोर यादव और दीपक कुशवाहा ने ध्यान दिलाया कि बजरंग नगर कॉलोनी की सभी आठ लेन की सड़कें जर्जर हैं, उन पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। कुछ लेन में सन-2019 में रोड की मरम्मत हुई मगर वहां भी आवागमन आसान नहीं रहा। परमानंद चौधरी बोले, इन सड़कों पर वाहन चलाना दूर, पैदल चलना भी कठिन है। बाइक सवार आए दिन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। रमेश ने बताया कि जलजमाव के चलते सड़कों की हालत अधिक खराब है। नालियों के अभाव के कारण बारिश के दिनों में कॉलोनी में भारी जलजमाव हो जाता है।स्ट्रीट लाइटें बंदपीएन सिंह के मुताबिक कॉलोनी में पर्याप्त संख्या में स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी हैं। जहां, लाइटें लगी भी हैं, वे लंबे समय से खराब हैं। सत्यप्रकाश यादव ने कहा कि स्ट्रीट लाइटों के न जलने के कारण रात में पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अंधेरे में असामाजिक तत्वों की सक्रियता भी बढ़ जाती है। गब्बर ने बताया कि कई बार शिकायत की गई मगर नगर निगम की ओर से लाइटों को ठीक करने या नई लाइटें लगाने की दिशा में पहल नहीं हुई है।वाटर टैक्स की माररामनगीना सिंह कुशवाहा ने बताया, कॉलोनी में पेयजल की पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है। लोग अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए निजी संसाधनों पर निर्भर हैं। आकाश चौहान ने बताया कि पूरी कॉलोनी में एक भी सरकारी हैंडपंप नहीं है। इससे बिजली कटौती के समय पानी का वैकल्पिक साधन नहीं रहता है। कैलाश पाल ने कहा कि पानी की पाइप लाइन न होने के बावजूद वॉटर टैक्स के भारी भरकम बिल भेजे जा रहे हैं। राशि का निर्धारण भी समझ से परे है।बिजली के खंभों का अभावरामनयन चतुर्वेदी के मुतबिक पर्याप्त संख्या में खंभे न होने के कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था रामभरोसे है। लोगां ने अपने घरों की छतों, छज्जों और यहां तक कि पेड़ों के सहारे बिजली के तार खींचे हैं। कुसुम पाण्डेय ने कहा कि कई गलियों में बांस-बल्ली के सहारे तार दौड़ाए गए हैं। इससे हर वक्त शॉर्ट सर्किट का खतरा रहता है। उषा चौहान ने कहा कि बिजली विभाग खंभे लगाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठा रहा है।सफाई हफ्ते में एक बारसुषमा कुशवाहा ने बताया कि कॉलोनी में नियमित झाड़ू नहीं लगती। सफाई कर्मचारी सप्ताह में केवल एक दिन दर्शन देते हैं। इसके चलते गलियों में कचरा जमा रहता है। बाबूराम चौहान ने कहा कि बरसात के मौसम में यहां फॉगिंग नहीं कराई जाती। मच्छरों के चलते निवासियों का जीना दूभर हो गया है। शाम के बाद घरों के बाहर बैठना मुश्किल हो जाता है। गंदगी और मच्छरों के चलते संक्रामक बीमारियों का खतरा भी है।आवारा पशुओं कस चक्रमणकंचन चौहान ने ध्यान दिलाया कि आवारा पशुओं के कारण यह सुरक्षित रिहायशी क्षेत्र असुरक्षित होता जा रहा है। गलियों में दिन-भर आवारा कुत्तों का भी झुंड जमा रहने से डर का माहौल बना रहता है। दीपक कुशवाहा ने बताया कि आक्रामक कुत्तों के कारण गली से अकेले गुजरना खतरे से खाली नहीं है। पीएन सिंह बोले, दिन-प्रतिदिन इन पशुओं की संख्या में इजाफा हो रहा है लेकिन इन्हें पकड़ने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।हमारी भी सुनें1. दस साल से सड़क की मरम्मत नहीं हुई है। अब तो पैदल चलना भी कठिन है। सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है।- दीपक कुशवाहा2. आठों लेन की हालत एक जैसी बदतर है। अधिकारी आश्वासन देकर चले जाते हैं, जमीन पर कुछ नहीं बदलता। बहुत दिक्कते हैं।- पीएन सिंह3. बरसात के दिनों में कॉलोनी में जलजमाव की गंभीर समस्या झेलनी पड़ती है। गंदा पानी घरों में पहुंच जाता है।- परमानंद चौधरी4. कॉलोनी में लगीं कई स्ट्रीट लाइटें शोभा बन गई हैं। रात में असामाजिक तत्वों के चलते माहौल असुरक्षित हो जाता है।- रामनयन चतुर्वेदी5. कई जगह लाइटें नहीं जलती हैं। खराब सड़क से अंधेरे में आवागमन मुश्किल हो गया है। नगर निगम ध्यान नहीं दे रहा है।- कुसुम पाण्डेय6. पानी की पाइप लाइन बिछी नहीं जबकि विभाग वॉटर टैक्स का बिल भेज रहा है। बिना सुविधा के टैक्स वसूली सरासर अन्याय है।- रामनगीना सिंह कुशवाहा7. बजरंग नगर कॉलोनी में सरकारी हैंडपंप भी नहीं है। बिजली कटने पर पानी के लिए हम दूसरों के भरोसे हो जाते हैं।- सत्यप्रकाश पाण्डेय8. पेड़ों और बांस-बल्ली के सहारे खींचे गए बिजली के तार में मानसून में करंट उतरने का डर रहता है। पर्याप्त खंभें नहीं लगे हैं।- किशोर यादव9. बिजली के खंभे न होने से लोगों ने छतों के सहारे तार बांधे हैं, यह व्यवस्था कभी भी दुर्घटना का सबब बन सकती है।- आकाश चौहान10. सफाई कर्मचारी हफ्ते में बमुश्किल एक दिन आता है। सड़कों पर हफ्तों कूड़ा फैला रहता है। कॉलोनी में नियमित झाड़ू नहीं लगती।- सुषमा कुशवाहा11. कॉलोनी में न फॉगिंग होती है और न ब्लीचिंग का छिड़काव। मच्छरों के कारण शाम को घर का दरवाजा खोलना मुश्किल हो जाता है।- बाबूराम चौहान12. कॉलोनी में आवारा कुत्तों और सांड़ों का सड़क पर कब्जा रहता है, बच्चों को बाहर भेजने में अब डर लगने लगा है।- कंचन चौहानसुझाव और शिकायतेंसुझाव1. कॉलोनी की सभी लेनों में जर्जर सड़कों का प्राथमिकता के तौर पर मरम्मत कराया जाए। इससे आवागमन सुगम होगा, दुर्घटना की आशंका नहीं रहेगी।2. बजरंग नगर कॉलोनी में जलजमाव की समस्या से स्थायी मुक्ति के लिए में ड्रेनेज के साथ ढकी हुई नालियों का निर्माण कराने से राहत होगी।3. खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कराई जाए। सुरक्षा के लिहाज से पर्याप्त संख्या में आधुनिक एलईडी लाइटें लगाई जाएं।4. पेयजल आपूर्ति के लिए तत्काल नई पाइप लाइन बिछाई जाए। विकल्प में सार्वजनिक स्थानों पर सरकारी हैंडपंप भी लगें।5. बांस-बल्लियों और पेड़ों के सहारे झूलते तारों के खतरों से निजात के लिए बिजली के स्थायी खंभे लगाए जाएं।शिकायतें1. कॉलोनी की सड़कें मरम्मत के अभाव में गड्ढों में बदल चुकी हैं। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कत होती है।2. निकासी का उचित माध्यम न होने से बरसात के दिनों में जलजमाव हो जाता है। तब आवाजाही प्रभावित होने के साथ संक्रामक बीमारियां भी पनपती हैं।3. कॉलोनी में पर्याप्त संख्या में स्ट्रीट लाइटें नहीं हैं। इससे असामाजिक तत्वों की सक्रियता बढ़ने और चोरी की घटनाओं की आशंका बनी रहती है।4. पानी की पाइप लाइन नहीं है। बिजली कटते ही पानी का संकट खड़ा हो जाता है। ऊपर से बिना सुविधा के जल कर भेज दिया गया है।5. बिजली के खंभों की कमी के कारण तार घरों के छज्जों के सहारे खींचे गए हैं। उनमें शार्ट सर्किट होती है, वे किसी भी समय हादसे का कारण बन सकते हैं।बोले जिम्मेदार18 लाख स्वीकृत, जल्द बनेगी सड़कबजरंग नगर कॉलोनी में सड़क मरम्मत के लिए 18 लाख का बजट पास हो चुका है, काम जल्द शुरू होना है। स्ट्रीट लाइटें पर्याप्त संख्या में लगाई गई हैं। शिकायत मिलने पर और लगा दी जाएंगी। कई जगह बिजली के नए पोल भी लगाए गए हैं। कॉलोनी में ट्यूबेल लगाने के लिए कोई जगह देना नहीं चाहता। वाटर टैक्स में संशोधन कराया जा चुका है।-संजय जायसवाल, पार्षद वार्ड नं- 59 रमरेपुर

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