Fire breaks out in a three-storey building in Kachnar 10 people trapped तीन मंजिला इमारत में लगी भीषण आग, बांस की सीढ़ी के सहारे फरिश्ता बने पड़ोसी; 10 जिंदगियां बचाईं, Varanasi Hindi News - Hindustan
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तीन मंजिला इमारत में लगी भीषण आग, बांस की सीढ़ी के सहारे फरिश्ता बने पड़ोसी; 10 जिंदगियां बचाईं

Varanasi News - वाराणसी के कचनार बाजार में एक तीन मंजिला मकान में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। सिलेंडर धमाकों के बीच फंसे 10 लोगों को स्थानीय ग्रामीणों ने बांस की सीढ़ी लगाकर सुरक्षित निकाला। दमकल की 5 गाड़ियों ने 3 घंटे में आग पर काबू पाया। 

Fri, 17 April 2026 12:24 PMYogesh Yadav हिन्दुस्तान, रोहनिया (वाराणसी), संवाद
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तीन मंजिला इमारत में लगी भीषण आग, बांस की सीढ़ी के सहारे फरिश्ता बने पड़ोसी; 10 जिंदगियां बचाईं

वाराणसी के कचनार बाजार (राजातालाब) में गुरुवार सुबह उस वक्त कोहराम मच गया, जब मनोज गुप्ता उर्फ मोहन के तीन मंजिला मकान में भीषण आग लग गई। शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और घर में रखे दो गैस सिलेंडर धमाके के साथ फट गए। इस हादसे में तीन मासूम बच्चों सहित परिवार के 10 सदस्य आग की लपटों और धुएं के बीच फंस गए। जब दमकल के पहुंचने में देरी हुई, तो स्थानीय ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर बांस की सीढ़ियों के सहारे सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।

धमाकों से दहला इलाका, छत पर फंसी रही जान

सुबह करीब पौने 11 बजे मकान के भूतल पर स्थित कपड़े की दुकान से अचानक लपटें निकलने लगीं। जब तक लोग कुछ समझ पाते, आग ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गई। सिलेंडर फटने से हुए जोरदार धमाकों ने पूरी इमारत को हिला दिया, जिससे पड़ोस के घरों में भी दहशत फैल गई। मनोज का परिवार जान बचाने के लिए तीसरी मंजिल की छत की ओर भागा। नीचे लपटें थीं और ऊपर धुआं, परिवार को लगने लगा था कि अब उनकी जान नहीं बचेगी। बच्चे और बुजुर्ग छत से नीचे कूदने की कोशिश करने लगे, तभी पड़ोसियों ने मोर्चा संभाला।

बांस की सीढ़ी बनी 'जीवनदायिनी'

दमकल की गाड़ियों के आने से पहले ही ग्रामीण बचाव कार्य में जुट गए। साहसी युवाओं ने दो लंबी बांस की सीढ़ियों को आपस में जोड़कर तीसरी मंजिल तक पहुंचाया। हालांकि सीढ़ी तब भी थोड़ी छोटी पड़ रही थी, लेकिन ग्रामीणों ने हौसला नहीं हारा। अनिल मोदनवाल, आशीष जायसवाल और विशाल पटेल समेत अन्य युवकों ने मानव श्रृंखला बनाकर 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला बुधनी देवी, बच्चों और महिलाओं समेत सभी 10 लोगों को एक-एक कर नीचे उतारा।

तीन घंटे की मशक्कत और मुआवजे का आश्वासन

सूचना मिलने के करीब आधे घंटे बाद दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। फायर ब्रिगेड की टीम ने घर के अंदर से गैस के चार भरे हुए सिलेंडर सुरक्षित बाहर निकाले, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना की सूचना पर रोहनिया विधायक डॉ. सुनील पटेल और डीसीपी गोमती जोन नीतू कादयान समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। विधायक ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए जंसा थाने पर एक दमकल की गाड़ी स्थायी रूप से तैनात कराई जाएगी ताकि रिस्पांस टाइम कम किया जा सके।

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