इलेक्ट्रिक वाहनों के मामले में आगे है यूपी लेकिन आ रही ये दिक्कत; EV इको सिस्टम पर नई रिपोर्ट
यह निष्कर्ष नीति आयोग की नवीनतम रिपोर्ट का है। इसमें सभी राज्यों में ईवी इको सिस्टम पर 'इंडियन इलेक्ट्रिक मोबिलटी इंडेक्स' जारी किया गया है। इसका आधार 3 थीम -ट्रांसपोर्ट इलेक्ट्रिफिकेशन प्रगति, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ईवी शोध व नवाचार है। कुल 16 पैरामीटर रखे गए हैं।

देश में भले ही सबसे ज्यादा 1.1 मिलियन इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) यूपी में हैं। लेकिन, ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में राज्य की स्थिति अभी कमजोर है। इसमें तत्काल सुधार की जरूरत है। इलेक्ट्रिक वाहनों के पूरे इको सिस्टम की कसौटी पर उत्तर प्रदेश देश के शीर्ष 10 राज्यों में 10वें स्थान पर है। ईवी रिसर्च व ईवी स्टार्टअप के मानक पर भी बेहतर स्थिति में है।
यह निष्कर्ष नीति आयोग की नवीनतम रिपोर्ट का है। इसमें सभी राज्यों में ईवी इको सिस्टम पर 'इंडियन इलेक्ट्रिक मोबिलटी इंडेक्स' जारी किया गया है। इसका आधार तीन थीम -ट्रांसपोर्ट इलेक्ट्रिफिकेशन प्रगति, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर व ईवी शोध व नवाचार है। इसमें कुल 16 पैरामीटर रखे गए हैं। इस टाप टेन की सूची में शीर्ष पर दिल्ली है। उसके बाद महाराष्ट्र, चंडीगढ़, कर्नाटक, तमिलनाडु, हरियाणा, ओडिसा, राजस्थान, छतीसगढ़ व यूपी हैं। सर्वे में सभी राज्यों को चार श्रेणियों व अंकों में रखा गया है। इसमें अचीवर (100), फ्रंट रनर (65-99) , परफार्मर (50-64) व आकांक्षी (0-49) श्रेणी हैं।
ट्रांसपोर्ट इलेक्ट्रिफिकेशन प्रगति में यूपी परफार्मर स्टेट की श्रेणी में है। इस श्रेणी में यूपी पांचवें स्थान पर है। चार्जिंग इफ्रास्ट्रक्चर रेडीनेस के मामले में यूपी की स्थिति आकांक्षी श्रेणी के राज्यों में हैं। इसमें राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु समेत 25 राज्य व केंद्र शासित प्रदेश हैं। इस श्रेणी में यूपी 21 स्थान पर है। ईवी शोध व नवाचार मामले में भी यूपी परफार्मर स्टेट की श्रेणी में है और इस सूची में यूपी सातवें स्थान पर है। व्यवसायिक इलेक्ट्रिक वाहन के मामले में यूपी अचीवर श्रेणी के साथ चौथे नंबर पर है जबकि निजी इलेक्ट्रिक वाहन के मामले में यूपी 18वें नंबर पर है। कुल पंजीकृत वाहन के मुकाबले राज्य में मौजूद चार्जिंग स्टेशन के अनुपात के मामले में यूपी काफी पीछे है।
ईवी स्टार्ट अप के मामले में यूपी 8वें स्थान पर है और वह फ्रंट रनर की श्रेणी में है। इलेक्ट्रिक वाहन सेक्टर में यूपी ने पिछले साल हर तिमाही में लगातार प्रगति दर्शायी। राज्य ने 50 से ज्यादा ईवी निर्माता कंपनियों के जरिए 10 हजार करोड़ रु़पये का निवेश कराया है। इनके जरिए 20 हजार लोगों को रोजगार मिलने का रास्ता खुल गया है।
यूपी को यह काम करने की जरूरत
रिपोर्ट में यूपी के लिए कुछ संस्तुतियां भी की गई हैं। निजी ईवी वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पुराने वाहनों को स्क्रैप में बदलने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाए। खरीद पर सब्सिडी स्कीम को और आकर्षक बनाया जाए। ईवी सेक्टर में कौशल विकास के लिए शोध व अनुसंधान केंद्र स्थापित किए जाएं। ई-मोबिलिटी पर कोर्स शुरू किए जाएं। ईवी चार्जिंग इफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर किया जाए। इसके लिए सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएं। तमाम तरह की एनओसी के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाए।




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