UP Weather: पश्चिमी विक्षोभ का असर, बादलों की आवाजाही, यूपी में ऐसे बदल रहा मौसम
लगातार कई ऐसे विक्षोभ आते हैं तो सर्दी अच्छी पड़ेगी। यदि कम रहते हैं तो सर्दी में कमी रहेगी। बंगाल की खाड़ी में भी एक कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। यदि यह डिप्रेशन में बदलता है तो इससे उत्तर प्रदेश समेत तीन राज्यों पर असर पड़ सकता है। सात या आठ नवंबर के करीब इसका प्रभाव देखने में आ सकता है।

UP Weather Update: पश्चिमी विक्षोभ आते ही उत्तर प्रदेश में भी इसका प्रभाव पड़ने लगा है। सुबह धुंध और कोहरे से शुरुआत हुई लेकिन यह जल्दी छंट गया। दोपहर बाद हल्के बादल छा गए। बाराबंकी के बाद कानपुर की रात प्रदेश में सबसे सर्द रही। मंगलवार को रात का पारा 14 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। यह सीजन (अक्तूबर-नवंबर) का सबसे कम तापमान है। बाराबंकी का न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री रहा।
मौसम विभाग की मानें तो उत्तर पाकिस्तान से होता हुआ आया पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों पर अपना असर दिखाने लगा है। यहां बारिश और बर्फबारी शुरू हो गई है। हरियाणा में एक परिसंचरण बन जाने से इसका असर उत्तर प्रदेश में भी दिखने लगा है। हल्के बादल छा गए हैं। इस कारण मंगलवार को धूप नरम पड़ गई। बादलों की आवाजाही बनी रही। लगातार कई ऐसे विक्षोभ आते हैं तो सर्दी अच्छी पड़ेगी। यदि कम रहते हैं तो सर्दी में कमी रहेगी। बंगाल की खाड़ी में भी एक कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। यह अगर डिप्रेशन में बदलता है तो इससे उत्तर प्रदेश समेत तीन राज्यों पर असर पड़ सकता है। सात या आठ नवंबर के करीब इसका प्रभाव देखने में आ सकता है।
देश में बने हुए हें छह परिसंचरण केंद्र
अभी भी देश में कम से कम छह परिसंचरण केंद्र बने हुए हैं। इससे मौसम प्रभावित है। आईएमडी के अनुसार मंगलवार को कानपुर का न्यूनतम पारा 14 डिग्री था जो सामान्य से 0.6 डिग्री कम है। सोमवार के मुकाबले इसमें 3.8 डिग्री की कमी आई है। इसी तरह दिन का पारा 32.3 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मंगलवार को पूरे प्रदेश में रात का तापमान गिरा है। इसके विपरीत प्रदेश में दिन का तापमान कम रहा लेकिन कानपुर में पारा 32 के पार चला गया। सीजन (नवंबर) का सर्वाधिक पारा है। मौसमी उथल पुथल के चलते तापमान अभी भी स्थिर नहीं हैं। इनमें बड़ा उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
बदले मौसम में बढ़ गए खांसी जुकाम और बुखार के मरीज
बदलते मौसम के साथ मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। लोग वायरल की चपेट में आ रहे हैं। यही कारण है कि अस्पतालों की ओपीडी में लंबी कतारें लग रही हैं। यहां सर्वाधिक मरीज वायरल से ग्रसित हैं। खांसी-जुकाम और बुखार से हालत खराब है। डॉक्टर्स बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। मौसम विभाग की मानें तो आगे आने वाले दिनों में भी तापमान में उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है। चिकित्सकों का कहना हैं कि बदलता मौसम वायरल की समस्या पैदा करता है। ऐसे में सावधानी ही बचाव है।




साइन इन