यूपी एसआईआर: 90 प्रतिशत तक मतदाताओं की होगी मैपिंग, चुनाव आयोग ने तेज कर दीं तैयारियां
यूपी में एसआईआर जारी है। 90 प्रतिशत तक मतदाताओं की मैपिंग होगी।अभी तक 72.9 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग का कार्य किया जा चुका है। ऐसे में अब अधिक से अधिक मतदाताओं की मैपिंग की तैयारी तेज कर दी गई है।

यूपी में 90 प्रतिशत मतदाताओं की वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभी तक 72.9 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग का कार्य किया जा चुका है। ऐसे में अब अधिक से अधिक मतदाताओं की मैपिंग की तैयारी तेज कर दी गई है। जिससे सिर्फ 10 प्रतिशत मतदाताओं को ही नोटिस भेजकर उनसे साक्ष्य मांगा जाएगा। फिर वोटर लिस्ट में शामिल करने की प्रक्रिया की जाएगी।
वहीं दूसरी ओर मंगलवार को भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग की अध्यक्षता में सभी मंडलायुक्त व डीएम सहित विभिन्न अधिकारियों के साथ मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रगति की समीक्षा की गई। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से वह सभी जिलों के अधिकारियों से जुड़े और उनके साथ ब(सीईओ) भी मौजूद रहे। जिसमें बताया गया कि कुल 15.44 करोड़ मतदाताओं में से 98.14 प्रतिशत गणना प्रपत्रों को डिजिटाइज्ड किया जा चुका है। अभी तक 79.95 प्रतिशत गणना प्रपत्र मतदाता व उसके परिवार के सदस्यों ने हस्ताक्षर के बाद बीएलओ को वापस किए हैं। वहीं करीब 19 प्रतिशत मतदाता असंग्रहीत की श्रेणी में रखे गए हैं। यानी इनसे गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुआ है। 12 दिसंबर तक सभी बीएलओ अपने-अपने बूथ पर राजनीतिक दलों के बीएलए के साथ बैठक करें। गणना प्रपत्र वापस न करने वालों की सूची बीएलओ राजनीतिक दलों के बीएलए को सौंपेंगे। फिर इन्हें ढूंढ़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
वहीं जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर बीएलए व बीएलओ बैठक का कार्यवृत्त, मृतक, स्थायी रूप से स्थानांतरित, क्षेत्र में न पाए जाने वाले अथवा कहीं और पंजीकृत मतदाताओं की सूचियां अपलोड की जाएंगी। एक जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले या छूटे मतदाताओं से फॉर्म-6 भरवाकर उन्हें मतदाता सूची में शामिल किया जाए। वहीं नौ जिलों, 88 विधानसभाओं व 1.31 लाख बूथों पर शत-प्रतिशत गणना प्रपत्र डिजिटाइज्ड किए जा चुके हैं।




साइन इन