UP police constable worked for 14 years on the basis of a fake mark sheet secret was revealed and he was dismissed फर्जी मार्कशीट पर यूपी पुलिस में 14 साल तक की सिपाही की नौकरी, ऐसे खुला राज, बर्खास्त, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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फर्जी मार्कशीट पर यूपी पुलिस में 14 साल तक की सिपाही की नौकरी, ऐसे खुला राज, बर्खास्त

यूपी में बलिया के एक युवक ने फर्जी मार्कशीट पर यूपी पुलिस में 14 साल तक की सिपाही की नौकरी की।दो साल पहले हुई शिकायत पर कराई गई जांच में पूरा राज खुलने पर पुलिस अफसरों ने आरोपी को बर्खास्त कर दिया।

Thu, 29 May 2025 07:57 AMDeep Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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फर्जी मार्कशीट पर यूपी पुलिस में 14 साल तक की सिपाही की नौकरी, ऐसे खुला राज, बर्खास्त

12वीं की फर्जी मार्कशीट के सहारे बलिया के युवक ने यूपी पुलिस में सिपाही की नौकरी हासिल कर ली। इसके बाद करीब 14 साल तक वह अलग-अलग जिलों में नौकरी पर तैनात रहा। 2 साल पहले हुई शिकायत पर कराई गई जांच में पूरा राज खुलने पर पुलिस अफसरों ने आरोपी को बर्खास्त कर दिया। मामले आरआई लाइन धनश्याम ने अब आरोपी सिपाही के अलावा उसके शिकायतकर्ता सगे चाचा के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर कराई है। कार्रवाई के बाद देहात थाना पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी के सामने बयान दर्ज कराते हुए आरोपी सिपाही ने उस वक्त शपथपत्र देते हुए बताया था कि 12वीं की जिस मार्कशीट से उसने नौकरी हासिल की थी वो उसके चाचा ने ही बनवाकर दी थी।

मूलरूप से बलिया जिले के गांव सैमरी निवासी अखिलेश कुमार की 2009 में उत्तर प्रदेश पुलिस में बतौर सिपाही भर्ती हुई थी। साल 2023 में उसकी तैनाती अमरोहा जिले में थी। एफआईआर के मुताबिक जनवरी 2023 में उसके सगे चाचा विनोद कुमार ने लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय गोपनीय एक शिकायत की थी। बताया था कि अखिलेश कुमार के 12वीं के शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी हैं, जिनके सहारे ही उसकी सिपाही की नौकरी लगी है। मामले में जांच हुई तो शिकायत ठीक मिली। जांच में सामने आया कि अखिलेश कुमार ने अपने शैक्षिक दस्तावेज में बलिया के ज्योति इंटर कालेज की फर्जी मार्कशीट लगाई थी। यूपी बोर्ड ने भी मार्कशीट का रिकार्ड होने से मना कर दिया। वहीं, शिकायकर्ता ने उसकी 12वीं की दूसरी मार्कशीट भी प्रस्तुत की जो ज्योति इंटर कालेज की ही थी, जिसमें अखिलेश फेल था। जांच में दोनों मार्कशीट के अनुक्रमांक भी अलग-अलग मिले। मामले में दोषी मिलने पर तत्कालीन पुलिस अफसरों ने अखिलेश कुमार को निलंबित कर दिया था। नोटिस जारी होने पर अखिलेश ने जांच अधिकारी तत्कालीन एएसपी राजीव कुमार सिंह के समक्ष अपना पक्ष रखा और चौंकाने वाला खुलासा किया।

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शपथ पत्र में अखिलेश ने न सिर्फ मार्कशीट फर्जी होने की बात स्वीकार की। बल्कि ये भी बताया कि मार्कशीट शिकायतकर्ता चाचा विनोद कुमार ने ही बनवाकर दी थी। नौकरी लगने के बाद विवाद हो गया तो शिकायत कर दी। आरआई घनश्याम ने बताया कि जांच में दोषी पाए जाने पर सिपाही अखिलेश कुमार को बर्खास्त कर दिया गया है। मामले में उसके तथा चाचा के खिलाफ अमरोहा देहात थाने में धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

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