वाराणसी में नौकरी के नाम पर 250 युवकों को बंधक बनाकर ठगी, छापेमारी से अफरातफरी, छह गिरफ्तार
वाराणसी के सारनाथ इलाके में नेटवर्किंग कंपनी में नौकरी का झांसा देकर देश के विभिन्न हिस्सों से आए करीब 250 बेरोजगार युवकों को बंधक बनाने और उनसे ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। साइबर पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

UP News: वाराणसी में नेटवर्किंग कंपनी में नौकरी का झांसा देकर 250 बेरोजगार युवकों को बंधक बना कर ठगी की गई। साइबर पुलिस ने मंगलवार को सारनाथ के नई बाजार पतेरवां, दामोदरपुर और लठिया में छापेमारी की तो अफरातफरी मच गई। छह लोगों को गिरफ्तार कर युवकों को मुक्त कराया गया। डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार को गोपनीय शिकायत मिली थी कि नई बाजार पतेरवा में कुछ लोग काल सेंटर चला रहे हैं। उनकी आड़ में युवाओं को अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी की जा रही है।
डीसीपी ने एसीपी विदुष सक्सेना एवं सारनाथ थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी को टीम के साथ भेजा। मंगलवार सुबह टीम सबसे पहले नई बाजार पतेरवा के एक भवन में पहुंची। वहां करीब 150 युवक मौजूद थे। हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ के आधार पर यहां से करीब एक किमी दूर दामोदरपुर की एक कॉलोनी स्थित एक भवन में छापेमारी की गई। यहां भी करीब 100 बेरोजगार युवकों को झांसे में लेकर बैठाया गया था। देर शाम रोहनिया के लठिया में भी छापेमारी की गई लेकिन आरोपी यहां से भाग निकले थे।
एसीपी ने बताया कि इन युवकों से 30-30 हजार रुपये लेकर उन्हें जबरदस्ती रखा गया था। करीब ढाई सौ युवकों को मुक्त कराया गया। इसमें अधिकतर बिहार के हैं। आरोपी दबाव बनाकर उनसे काम कराते थे। उन्हें कहीं जाने नहीं देते थे। फोन पर लोगों से संपर्क कर जोड़ने के लिए कहते थे।
इनकी हुई गिरफ्तारी, दो फर्जी कंपनियां
गाजीपुर के भीमापार (सैदपुर) के श्रवण कुमार, आजमगढ़ के नेवादा (फूलपुर) के मो. तैयब, मध्यप्रदेश में छतरपुर के भदौरा (बभनौरा) के जितेंद्र सिंह ठाकुर, बिहार में बेगूसराय के श्रीचांदपुर (साहेबपुर कमाल) के शुभम कुमार सिंह, पटना में राजीव नगर कॉलोनी (राजीव नगर) के मनीष कुमार सिंह, झारखंड में धनबाद के राजगंज निवासी आशुतोष कुमार हैं। एसीपी ने बताया कि नई बाजार पतेरवा एवं दामोदरपुर के सेंटर का मालिक आजमगगढ़ में मेहनाजपुर का इंद्रजीत कुमार है। उसी ने स्वास्तिक एसोसिएट नाम से कंपनी खोली थी। एक अन्य कंपनी रायल हेल्थ इंडिया में बेरोजगारों को फंसाया जाता था। इस कंपनी के खिलाफ प्रतापगढ़ में केस भी दर्ज है। इंद्रजीत की तलाश की जा रही है।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष पंकज कुमार त्रिपाठी, साइबर थाने से निरीक्षक विजय नारायण मिश्र, उप निरीक्षक आलोक यादव, संजीव कन्नौजिया, विवेक सिंह, शैलेन्द्र कुमार, हेड कांस्टेबल गौतम कुमार आदि थे।
पिरामिड स्कीम के तहत फंसाते थे
एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना ने बताया कि आकर्षक नौकरी का झांसा देकर युवाओं से रजिस्ट्रेशन और अन्य शुल्क के नाम पर रुपया वसूला जा रहा था। युवक एवं युवतियों से किट देने के नाम 30 हजार रुपये तक की वसूली की जाती थी। उनसे कपड़े, आयुर्वेदिक दवाएं बेचवाए जाते थे। पिरामिड स्कीम के तहत युवक और युवतियों को अपने दोस्तों को कंपनी से जोड़ने को कहा जाता था। दूसरे सदस्य जोड़ने पर युवक-युवतियों को प्रति सदस्य के हिसाब से पांच-पांच हजार रुपये दिए जाते थे। बेरोजगार युवकों को किसी कंपनी का अधिकृत नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया था।




साइन इन