यूपी अब 'बीमारू' नहीं, निवेश का 'ड्रीम डेस्टिनेशन'; CM योगी ने दिया 'फियरलेस बिजनेस' का मंत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों की तुलना करते हुए राज्य की वित्तीय मजबूती के आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि सुशासन और कड़े वित्तीय अनुशासन के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व उछाल आया है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में वर्ष 2025-26 के अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की बदलती आर्थिक तस्वीर का एक सशक्त खाका खींचा। मुख्यमंत्री ने सदन में बड़े आत्मविश्वास के साथ कहा कि उत्तर प्रदेश अब 'बीमारू' राज्य के ठप्पे को पीछे छोड़ चुका है। आज यूपी 'Fearless Business' (भयमुक्त व्यापार), 'Ease of Doing Business' और 'Trust of Doing Business' का एक वैश्विक मॉडल बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों की तुलना करते हुए राज्य की वित्तीय मजबूती के आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि सुशासन और कड़े वित्तीय अनुशासन के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व उछाल आया है। कहा कि वर्ष 2012-16 के बीच जो GSDP मात्र 12.88 लाख करोड़ रुपये थी, वह आज करीब 35-36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में लगभग तीन गुना इजाफा हुआ है। यह 43,000 रुपये से बढ़कर अब 1,20,000 रुपये हो गई है।
बैंकों के प्रति जनता का भरोसा बढ़ा है। क्रेडिट-डेपोजिट रेशियो 44% से बढ़कर 65% हो गया है, जिसे सरकार ने 70% तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने विकास के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति का ब्योरा देते हुए कहा कि यूपी हर मोर्चे पर नए मानक तय कर रहा है। प्रदेश की कृषि विकास दर 8% से बढ़कर 18% तक पहुंच गई है। 'एक जनपद-एक मेडिकल कॉलेज' के संकल्प के साथ राज्य में अब 81 मेडिकल कॉलेज या तो संचालित हैं या निर्माणाधीन हैं। कहा कि 1GW सोलर प्रोजेक्ट्स के साथ यूपी अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में देश का नेतृत्व कर रहा है।
बेरोजगारी के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी दर में भारी गिरावट दर्ज की गई है। 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से 60 लाख युवाओं को सीधा रोजगार मिला है। प्रदेश की 96 लाख एमएसएमई इकाइयां आज 2 करोड़ परिवारों के भरण-पोषण का आधार बनी हैं। मुख्यमंत्री ने अंत में जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश में जन-कल्याणकारी योजनाएं अब 'फेसलेस' और पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त हैं। चाहे वह मुफ्त राशन हो या आयुष्मान भारत का लाभ, बिना किसी भेदभाव के हर पात्र व्यक्ति तक पहुंच रहा है। उन्होंने दोहराया कि अपराध के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति ने व्यापारियों के मन से डर खत्म किया है, जिससे प्रदेश में निवेश के लिए सुरक्षित माहौल तैयार हुआ है।




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