गंगा एक्सप्रेसवे से मुरादाबाद मंडल को मिलेगा 62 किमी का ‘सुपर ट्रैक’, अमरोहा से संभल अब मिनटों में
मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाने वाला यह एक्सप्रेस-वे मंडल में कुल 61.60 किलोमीटर का सफर तय करेगा, जो हसनपुर, संभल और चंदौसी तहसीलों के 56 गांवों की सीमाओं को छुएगा।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश को संगम नगरी प्रयागराज से जोड़ने वाला 'गंगा एक्सप्रेस-वे' मुरादाबाद मंडल की रफ़्तार बदलने को तैयार है। 29 अप्रैल को उद्घाटन के साथ ही यह हाईस्पीड कॉरिडोर मंडल के दो महत्वपूर्ण जिलों अमरोहा और संभल को एक नए आर्थिक और सामाजिक सूत्र में पिरो देगा। मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाने वाला यह एक्सप्रेस-वे मंडल में कुल 61.60 किलोमीटर का सफर तय करेगा, जो हसनपुर, संभल और चंदौसी तहसीलों के 56 गांवों की सीमाओं को छुएगा।
मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर को पार करने के बाद गंगा एक्सप्रेस-वे सबसे पहले अमरोहा जिले की हसनपुर तहसील में दस्तक देगा। यहां मंगरौला गांव से जिले में इसकी एंट्री होगी। अमरोहा जिले में 23.60 किमी लंबाई का यह ट्रैक 25 गांवों से होकर गुजरेगा। इस दूरी को तय करने के बाद एक्सप्रेस-वे सीधे संभल जिले की सीमा में प्रवेश कर जाएगा। संभल में इसकी शुरुआत संभल तहसील के ततारपुर संदल गांव से होगी और यह 38 किलोमीटर का लंबा सफर तय करते हुए चंदौसी तहसील के गांव नगलिया कठेर तक जाएगा।
मंडल में एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए 537 हेक्टेयर से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया गया है। अमरोहा जिले में प्रशासन ने 2467 किसानों को करीब 236.19 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित कर दिया है, जबकि संभल में 450 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा अनुमानित है, प्रक्रिया अंतिम दौर में है। मंडल के इन दोनों जिलों में कुल तीन इंटरचेंज बनाए गए हैं, जो स्थानीय लोगों के लिए एंट्री और एग्जिट का काम करेंगे। अमरोहा के मंगरौला के साथ-साथ संभल के खिरनी टोल और लहरावन पर इंटरचेंज दिए गए हैं, ताकि जिले के लोगों को इस वीवीआईपी मार्ग पर चढ़ने के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े।
यूपीडा के अधिशासी अभियंता, राकेश कुमार मोगा ने कहा कि गंगा एक्सप्रेस वे बनकर तैयार है। 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरदोई में इसका शुभारंभ करेंगे। उद्घाटन से पूर्व रेस्ट ऐरिया के साथ अन्य कमियों को दूर कर लिया जाएगा। भूमि विवाद होने के कारण भूमि देरी से मिली। जिस कारण उसका काम देर से हुआ। सीसीटीवी कैमरे, पथ प्रकाश, हरियाली, टोल प्लाजा, साइनबोर्ड आदि सभी लगा दिए गए हैं। स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम भी सक्रिय हो गया है। उद्घाटन के बाद एक्सप्रेसवे वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। बाइक का संचालन पूर्ण रूप से बंद रहेगा।
इन गांवों की सीमाओं से गुजरेगी विकास की रफ़्तार
अमरोहा (हसनपुर तहसील के 25 गांव)
मंगरौला (एंट्री), रूखालू, सिकरौली, अकबरपुर शर्की, कुआडाली, पंडका, चक गुलाम अंबिया, सकतपुर-करनपुर, मिर्जापुर डूंगर, गारवपुर उर्फ रूस्तमपुर, पिपलौती खुर्द, पिपलौती मुस्तकम, दौलतपुर कला, सुमाठेर, तरारा, मकनपुर शर्की, सांपा, उझारी और पाइंदापुर।
संभल (संभल तहसील के 17 गांव)
ततारपुर संदल (एंट्री), सहरा, निबौरा, खिरनी मुजाहिद्दीनपुर, बसला, लहरशीश, बंजरपुरी, सुजातपुर, कसेरुआ, भटौला, अझरा, ईसापुर सुनवारी, बहादुरपुर उर्फ सराय, रसूलपुर धतरा, करीमपुर और चिरौली भगवंतपुर।
संभल (चंदौसी तहसील के 14 गांव)
बल्लमपुर, किरारी, अतरासी, मिर्जापुर अख्तारा, धर्मपुर (ढाढोल), राजपुर, बिसारू, लहरावन, अचलपुर, मझोला, रायपुर, फतेहपुर समशोई और नगलिया कठेर (एग्जिट)।




साइन इन