यूपी कैबिनेट विस्तार के बाद भाजपा संगठन में बदलाव की तैयारी; पंकज चौधरी की टीम पर दिल्ली में मंथन
उत्तर प्रदेश में योगी कैबिनेट विस्तार के बाद अब यूपी भाजपा संगठन की नई टीम के गठन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम के लिए लखनऊ स्तर पर लंबी चली कवायद के बाद संभावित पदाधिकारियों के नामों की सूची दिल्ली भेज दी गई है। दिल्ली में नई टीम पर मंथन शुरू हो गया है।

UP News: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने प्रादेशिक संगठन को नया रूप देने की तैयारियों में जुट गई है। यूपी भाजपा संगठन की नई टीम को अंतिम रूप देने के लिए पार्टी के भीतर पिछले कई दिनों से लखनऊ में लंबी कवायद चल रही थी, जिसके बाद अब संभावित पदाधिकारियों के नामों की अंतिम सूची दिल्ली आलाकमान के पास भेज दी गई है। इस सिलसिले में बुधवार को नई दिल्ली में एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-लेवल बैठक बुलाई गई है, जिसमें नई टीम के चेहरों पर अंतिम मुहर लग सकती है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की है।
दिल्ली दरबार में दिग्गज करेंगे नामों पर मंथन
नई दिल्ली में आयोजित इस संगठनात्मक बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष के सामने उत्तर प्रदेश के संभावित नामों की सूची रखी जाएगी। इस महामंथन में शामिल होने के लिए यूपी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह विशेष रूप से दिल्ली पहुंच हैं। बैठक के दौरान राज्य के सभी क्षेत्रों, जिलों और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए एक-एक नाम पर बेहद बारीकी से विचार-विमर्श किया जाएगा, ताकि आगामी राजनीतिक चुनौतियों का मजबूती से सामना किया जा सके।
पुराने अनुभव के साथ दिखेंगे 50 से 60 फीसदी नए चेहरे
राजनीतिक गलियारों और पार्टी सूत्रों से मिल रही खबरों के मुताबिक, जिस तरह योगी मंत्रिमंडल के हालिया विस्तार में बड़े स्तर पर कोई आमूल-चूल बदलाव नहीं किया गया, ठीक उसी तर्ज पर प्रदेश भाजपा की इस नई टीम में भी पुराने और अनुभवी नेताओं पर भरोसा कायम रखा जाएगा। संगठनात्मक फेरबदल के तहत नई टीम में लगभग 50 से 60 प्रतिशत नए और ऊर्जावान चेहरों को शामिल कर उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही, पुराने अनुभव को तरजीह देते हुए तकरीबन 40 से 50 फीसदी वर्तमान पदाधिकारियों को दोबारा अपनी जगह रिपीट होने का मौका मिल सकता है।
आगामी चुनावों को साधने के लिए जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर जोर
इस सांगठनिक बदलाव का सबसे मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में आने वाले समय में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए जमीन तैयार करना है। पार्टी आलाकमान इस नई टीम के जरिए राज्य के सामाजिक ताने-बाने को पूरी तरह साधने की कोशिश में है। इसमें ओबीसी, दलित, और सवर्ण जातियों के बीच एक सटीक संतुलन बिठाया जाएगा। साथ ही, पश्चिम यूपी, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, और अवध जैसे सभी क्षेत्रों को टीम में बराबर का प्रतिनिधित्व दिया जाएगा, ताकि पार्टी का सांगठनिक ढांचा बूथ स्तर तक बेहद मजबूत और सक्रिय बना रहे। दिल्ली में होने वाली आज की बैठक के बाद जल्द ही नई टीम का आधिकारिक ऐलान होने की उम्मीद है।




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