छांगुर का भतीजे सबरोज एसटीएफ ने किया गिरफ्तार, करीबियों पर कस रहा शिकंजा
धर्मांतरण के आरोपी छांगुर के राजदारों व करीबियों पर शिकंजा कसता जा रहा है। छांगुर के गुनाहों में शामिल व उसका प्रमुख राजदार भतीजा सबरोज को एसटीएफ ने बुधवार रात को गिरफ्तार कर लिया है। सबरोज का नाम एटीएस की एफआईआर में पहले से दर्ज है।

धर्मांतरण के आरोपी छांगुर के राजदारों व करीबियों पर शिकंजा कसता जा रहा है। छांगुर के गुनाहों में शामिल व उसका प्रमुख राजदार भतीजा सबरोज को एसटीएफ ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया है। सबरोज का नाम एटीएस की एफआईआर में पहले से दर्ज है। धर्मांतरण प्रकरण में अब तक छांगुर समेत हुई यह पांचवीं गिरफ्तारी है। छांगुर का भतीजा सबरोज उतरौला के रेहरा माफी गांव का निवासी है।
बताया जा रहा है कि छांगुर के करीबियों की तलाश में एसटीएफ की टीम उतरौला में थी। रात 1 बजे के करीब एसटीएफ को पता चला कि सबरोज उतरौला बस स्टॉप पर खड़ा हुआ है। एसटीएफ में मौके पर पहुंचकर सबरोज को गिरफ्तार कर लिया है। सबरोज छांगुर का करीबी व प्रमुख राजदार है। जिसका नाम एटीएस के एफआईआर में पहले से दर्ज था। पहले भी एसटीएफ उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर चुकी थी लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा था। एसटीएस ने सबरोज को गिरफ्तार कर कोतवाली उतरौला में लाकर पूछताछ कर रही है।
गांवों में दहशत, नोटिस से घबरा रहे
छांगुर और उसके गुर्गों पर हो रही कार्रवाई से बलरामपुर और आस-पास के क्षेत्र में एक तरह से दहशत है। एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि गांवों में अदालत की कोई नोटिस तामील कराने में पसीने छूट रहे हैं। पुलिसकर्मियों को सम्बंधित घरों में काउंसिलिंग करनी पड़ रही है यह मामला छांगुर से नहीं जुड़ा है। उसके बाद नोटिस रिसीव करने के लिए लोग आगे आते हैं। पुलिस अधिकारी का कहना है कि अदालत के समन पेडिंग चल रहे हैं। उधर तहसील और थानों में छांगुर को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। किसी भी मामले में बात करने पर पुलिस अधिकारी नो कमेंट कहकर पल्ला झाड़ रहे। लेखपाल से लेकर राजस्व विभाग के अधिकारी भी बच रहे। इस समय वह किसी तरह जमीनी विवाद में नहीं शामिल हो रहे। उसे टालने की कार्रवाई कर रहे।




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