कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत पर पीड़िता का इंडिया गेट पर धरना, बोली-हमारे लिए काल से कम नहीं
कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से मिली राहत पर उन्नाव रेप कांड की पीड़िता ने कहा कि पहले परिवार, पैरोकार और गवाहों की सुरक्षा हटाई गई, अब यह निर्णय हमारे लिए काल से कम नहीं है। मंगलवार रात पीड़िता और उनकी एक परिजन महिला अधिकार कार्यकर्ता योगिता भयाना के साथ इंडिया गेट के सामने धरने पर बैठीं।

उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित करने और शर्तों के साथ जमानत दिए जाने के निर्णय पर उन्नाव (माखी) रेप कांड की पीड़िता ने अपना डर जताया है। दिल्ली हाई कोर्ट के निर्णय के बाद ‘हिन्दुस्तान’ से फोन हुई बातचीत में लड़खड़ाती हुई आवाज में रोते हुए वह बोली- ‘आज जमानत मिली है..कल घर छीन लिया जाएगा और फिर मार दिया जाएगा।’ उसने कहा कि यह निर्णय हमारे लिए किसी काल से कम नहीं है। यही नहीं मंगलवार की रात पीड़िता और उनकी एक परिजन महिला अधिकार कार्यकर्ता योगिता भयाना के साथ इंडिया गेट के सामने धरने पर भी बैठीं जिन्हें पुलिस ने वहां से हटा दिया। बाद में उन्हें थाने ले जाने के बाद छोड़ दिया गया।
रेप पीड़िता ने कहा कि दिन में करीब ढाई बजे कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाया। कोर्ट के निर्णय का उसने मां के साथ विरोध किया लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी। पहले परिवार, पैरोकार और गवाहों की सुरक्षा हटाई गई, अब यह निर्णय हमारे लिए काल से कम नहीं है। पीड़िता ने बताया कि कुलदीप सिंह सेंगर और उनके परिवार से छिपकर साल 2023 में उन्होंने शादी की। पति के साथ रहती हैं। दो साल की बेटी और एक साल का बेटा है। दिव्यांग सास साथ में रहती हैं। जहां कहीं जाती हैं, सुरक्षा साथ रहती है। परिवार की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। पीड़िता ने कहा कि कुलदीप सिंह सेंगर के सलाखों से बाहर आने पर जीना हराम हो जाएगा। हम खुले में नहीं रह पाएंगे।
इंडिया गेट पर धरने पर बैठी
उधर, कुलदीप सिंह सेंगर को मिली राहत के खिलाफ महिला अधिकार कार्यकर्ता योगिता भयाना मंगलवार रात को इंडिया गेट के सामने धरने पर बैठ गईं। हालांकि कर्तव्य पथ पुलिस ने योगिता भयाना के साथ बैठीं दो अन्य महिलाओं को जबरन धरना स्थल से उठा दिया। इसके बाद उन्हें थाने ले जाने के बाद छोड़ दिया गया।
धरना देने इंडिया गेट पहुंची योगिता भयाना ने अपने एक्स हैंडल से इसकी सूचना दी थी। उनके साथ उन्नाव दुष्कर्म कांड की पीड़िता और परिजन थी। योगिता के अलावा दोनों महिलाओं ने अपने चेहरे ढंक रखे थे। इनके गले में तख्ती लटकी थी जिस पर कुलदीप सेंगर को राहत के विरोध की जानकारी दी गई थी। इधर, सूचना मिलते ही नई दिल्ली जिला पुलिस ने इलाके को घेर लिया। मौके पर कर्तव्य पथ थाने के एसएचओ ने धरना दे रहीं तीनों महिलाओं को समझाने की कोशिश की। जब वे नहीं मानीं तो महिला पुलिसकर्मियों की मदद से तीनों को जबरन मौके से उठा लिया गया। पुलिस ने इंडिया गेट के चारों तरफ सुरक्षा कड़ी कर दी है। इसके अलावा तीनों महिलाओं को घरों को पहुंचा दिया गया है।




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