लाठी-डंडे-असलहे लेकर आमने-सामने आ गए दो पक्ष, यूपी के इस जिले में दिन दहाड़े फायरिंग
गांव की विमला देवी पत्नी वीरेंद्र यादव के नाम से एक जमीन बैनामा कराया गया है और उसकी चहारदीवारी हो चुकी है। चहारदीवारी के अंदर दूसरे पक्ष के लोग गड्ढा सुबह खोद दिए। इसकी सूचना पर पुलिस पहुंची और लोगों को थाने पर बुलाया। दोपहर को वीरेंद्र यादव चहारदीवारी के अंदर टीनशेड डालने के लिए गड्ढा खोदने लगे।

उत्तर प्रदेश के देवरिया में शनिवार दोपहर दो पक्ष लाठी-डंडे-असलहे लेकर आमने-सामने आ गए। गौरीबाजार थाना क्षेत्र के बांकी गांव के फुलवरिया टोला में भूमि विवाद में दिन-दहाड़े गोलियां तड़तड़ा उठीं। दिन-दहाड़े सात राउंड से अधिक गोलियां चलने के चलते सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही गौरीबाजार पुलिस के साथ ही कई थानों की पुलिस भी पहुंच गई और तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने पांच खोखा खेत व मौके से बरामद किया और अन्य नमूने भी एकत्रित किए। देर शाम तक घटना में प्रयुक्त असलहा बरामद नहीं हो सका था। तनाव को देखते हुए मौके पर पुलिस तैनात कर दी गई है।
गांव की विमला देवी पत्नी वीरेंद्र यादव के नाम से एक जमीन बैनामा कराया गया है और उसकी चहारदीवारी हो चुकी है। चहारदीवारी के अंदर दूसरे पक्ष के लोग गड्ढा सुबह खोद दिए। सूचना पर पुलिस पहुंची और लोगों को थाने पर बुलाया। दोपहर को वीरेंद्र यादव चहारदीवारी के अंदर टीनशेड डालने के लिए गड्ढा खोदने लगे। इस बीच दूसरे पक्ष के लोग अपने घर से निकलते ही गोली चलाना शुरू कर दिए और मौके पर पहुंच गए। दिन-दहाड़े रायफल से चल रही गोली चलते ही मजदूर व मिस्त्री भागने लगे। बचाव में वीरेंद्र यादव के पक्ष के लोग ईंट पत्थर चलाने लगे। जिसके बाद गोली चला रहे लोग मौके से भाग गए। आरोप है कि वीरेंद्र की अंगुली को छू कर एक गोली निकल गई। दिन-दहाड़े गोली चलने की सूचना मिलते ही गौरीबाजार पुलिस समेत अन्य थानों की पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने आरोपी पक्ष के तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। फरार अन्य की पुलिस तलाश कर रही है। प्रभारी निरीक्षक गौरीबाजार राहुल कुमार सिंह ने बताया कि भूमि विवाद में गोली चलने की सूचना पर पुलिस गई थी। तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। गोली किसी को नहीं लगी है। अभी तक चार खोखे बरामद किए गए हैं।
गोली चलते ही करनी-बसुली फेंक भागे राजमिस्त्री और मजदूर
वीरेंद्र यादव चहारदीवारी चले खेत में टीनशेड डलवाने वाले थे। उन्होंने मजदूर व राजमिस्त्री बुला लिया। अभी गड्ढा खोद रहे थे और मजदूर बालू व सीमेंट का मिश्रण कर रहे थे, इस बीच दूसरी तरफ से गोलियां तड़तड़ाने लगी। गोली सामने से चलता देख राजमिस्त्री व मजदूर गेहूं की खेत से ही भागने लगे। एक मजदूर तो गड्ढा में कूद गया। विमला का कहना है कि वह गड्ढे में नहीं कूदा होता तो उसकी जान चली जाती।
दिन-दहाड़े गोली चलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
दिन-दहाड़े गोली एक पक्ष गोली चलाने लगा। गोली चलाने व लोगों के भागने का किसी ने वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया और कुछ ही देर में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर वीडियो जिसने भी देखा, अपने दांत तले अंगुली दबा लिया। हर कोई यह पूछता रहा कि कोई इसका शिकार तो नहीं हुआ?
यह है पूरा मामला
गांव के वीरेंद्र यादव ने साढ़े चार कट्टा भूमि अपनी पत्नी विमला के नाम से बैनामा तीन वर्ष पहले कराया। विमला का कहना है कि जो लोग गोली चलाने वाले हैं, उनके एक रिश्तेदार से वह भूमि बैनामा कराया गया है, इसलिए उनके मेड़ से सटे वह भूमि है। जो विमला देवी ने भूमि खरीदी है, उस पर चहारदीवारी है। विमला का कहना है कि दूसरा पक्ष चहारदीवारी के अंदर तक उसकी भूमि होने का दावा कर रहा है और जबरिया कब्जा करना चाह रहा है। जबकि वह चहारदीवारी के अंदर खेती भी तभी से कर रही है। दूसरे पक्ष ने कभी पैमाइश भी नहीं कराई है। अचानक आज कब्जा करने चले आए। जब हम लोग टीनशेड डलवाने के लिए गड्ढा खोद रहे थे। सुबह उन्होंने मारपीट भी की और पुलिस भी आई। इसके बाद भी वह नहीं माने।




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