ये अरब देश नहीं जो...विवादित वीडियो में फंसे शादाब जकाती जमानत के बाद क्या बोल गए
मेरठ के यूट्यूबर शादाब जकाती ने कहा है कि उन्होंने केवल अपनी बेटी और महिला की तारीफ की थी। कानून को मुझे सजा देनी है तो ठीक है, लेकिन ये कोई खाड़ी देश या अरब देश नहीं है कि सिर कलम कर देंगे।

10 रुपये वाले बिस्कुट रील से हाईलाइट होने वाले चर्चित यूट्यूबर शादाब जकाती को महिला पर अभद्र टिप्पणी करते हुए रील बनाना भारी पड़ गया था। पुलिस ने शादाब जकाती के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि कोर्ट में माफीनामा और शपथ पत्र देने पर शादाब को जमानत मिल गई। अब शादाब जकाती ने कहा है कि ये अरब देश तो है नहीं कि तुरंत सिर कलम कर दिया जाएगा।
दैनिक भास्कर से बात करते हुए शादाब जकाती ने कहा, "10 का बिस्कुट ने मुझे 30 दिन में चमकाया। कानून को मुझे सजा देनी है तो ठीक है, लेकिन ये कोई खाड़ी देश या अरब देश नहीं है कि सिर कलम कर देंगे। मैंने एक वीडियो बनाई थी, जिसमें मैं अपनी बेटी से पूछता हूं, "आप इतनी खूबसूरत हो, तो आपकी मम्मी भी खूबसूरत होंगी?" यह एक सामान्य और कॉमन सवाल था। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा था कि मैं सिर्फ तारीफ कर रहा हूं। लेकिन कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति जताई। जो लोग पहले मेरा समर्थन कर रहे थे, वही लोग मुझे कहने लगे कि वीडियो गलत है, इसे हटा दो। इसलिए मैंने वीडियो हटा दी। एक नेता ने मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया। बाद में जब मैंने वीडियो फिर से देखा, तो पाया कि वास्तव में मैं केवल तारीफ कर रहा था। लेकिन अगर इससे किसी को ठेस पहुंची है, तो उसके लिए मैं सॉरी कहता हूं।"
आपत्तिजनक वीडियो बनाकर फंसे थे जकाती
बता दें कि मेरठ के इंचौली के रहने वाले शादाब जकाती ने कुछ समय पूर्व अपनी पत्नी और बेटी के साथ मिलकर एक रील बनाई थी। इस रील में शादाब जकाती बच्ची को देखकर महिला पर टिप्पणी करते हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद शास्त्रीनगर के रहने वाले राहुल ठाकुर ने महिलाओं की छवि को खराब करने का आरोप लगाया था। राहुल ठाकुर ने डीजीपी, सीएम, महिला आयोग और बाल आयोग को शिकायत करते हुए शादाब जकाती पर पॉक्सो एक्ट, आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की थी।
इंचौली पुलिस ने शादाब जकाती को इंचौली थाने बुलाकर पूछताछ करते हुए जांच की। पुलिस ने अनीस की तहरीर पर शादाब जकाती के खिलाफ धारा 296 और 67 के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए हिरासत में लिया और कोर्ट में पेश किया। एसडीएम सदर डॉक्टर दीक्षा जोशी की कोर्ट में माफीनामा और शपथ-पत्र देने के कुछ समय बाद उन्हें जमानत मिल गई।




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