लखनऊ में ट्रेन पलटाने की साजिश के पीछे आतंकी संगठन? एटीएस और आईबी की टीमें जांच में जुटीं
लखनऊ में दिलकुशा के पास ट्रेन पलटाने की साजिश के पीछे आतंकी संगठन की आशंका का मामला सामने आया है। एटीएस और अन्य एजेंसियां जांच में जुट गई हैं। पटरी पर लोहे के भारी एंगल मिला था। 50 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ की गई है।

UP News:राजधानी लखनऊ में दिलकुशा के पास रेलवे पटरी पर लोहे का एंगल रखकर पंजाब मेल को पलटाने की शुक्रवार को कोशिश की गई। मामले में आतंकी साजिश की भी आशंका जताई गई है। ऐसे में तफ्तीश में कैंट थाने की पुलिस, जीआरपी की दो टीमें, आरपीएफ की सीआईबी के अलावा एटीएस, आईबी और अन्य एजेंसियां भी लगी हैं। पुलिस और आरपीएफ की टीम ने घटनास्थल से दो किमी के दायरे में सक्रिय करीब 5000 नंबरों को रडार पर लिया है। उनमें से संदिग्ध नंबरों की सूची तैयार की जा रही है। 50 से ज्यादा संदिग्धों से टीमों ने पूछताछ की है।
दिलकुशा ब्लॉक हट के पास रेलवे ट्रैक पर शुक्रवार को करीब 50 किलो वजन का लोहे के एंगल नुमा गेट पटरी पर रखा गया था। दोपहर करीब दो बजे अमृतसर से हावड़ा जा रही पंजाब मेल के निकलने का समय था। माना जा रहा है कि पंजाब मेल को ही पलटाने की साजिश रची गई थी। हालांकि लोको पायलट ने सक्रियता और सूझबूझ से ब्रेक लगा दी थी। फिर भी गेट नुमा चौखट इंजन में फंस गई थी। ट्रेन पलटने से बच गई थी।
मामले की जानकारी एसपी जीआरपी रोहित मिश्रा, आरपीएफ अफसर और उनकी सीआईबी टीम के अलावा फोरेंसिक, आईबी, एटीएस व एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर तफ्तीश की थी। लखनऊ के वरिष्ठ खंड अभियंता रेलपथ राज किशोर मिश्रा ने कैंट थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद उच्चाधिकारियों ने तफ्तीश शुरू की।
पुलिस और रेलवे ने बढ़ाई ट्रैक की निगरानी
घटना के बाद से कैंट पुलिस और रेलवे ट्रैक की निगरानी बढ़ा दी थी। सुबह से लेकर देर शाम और रात ट्रैक की निगरानी के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं। आठ-आठ घंटे की तीनों टीमें निगरानी कर रही हैं। पुलिस ने भी क्षेत्र में गश्त भी बढ़ा दी है।
तीन से चार व्यक्ति एंगल पकड़कर ले गए
रेलवे अफसरों का दावा है कि घटनास्थल जहां एंगल मिला है। वहां से रिहायशी इलाके की दूरी करीब एक किमी दूर है। आशंका है कि एंगल उठाकर मौके तक ले जाने के लिए तीन से चार व्यक्ति लगे होंगे।
दो साल में पांच बार ट्रेन पलटाने की कोशिश
22 जून 2025 : मल्हौर रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर लोहे का एंगल रखकर आनंद विहार दिल्ली से गोरखपुर जा रही हमसफर एक्सप्रेस गाड़ी संख्या 12572 को पलटाने की साजिश हुई थी।
22 अप्रैल 2025 : उतरेटिया रेलवे स्टेशन के पास बक्कास-उतरेटिया मार्ग पर लोहे का काफी वजन एंगल रखकर मालगाड़ी पलटाने की कोशिश हुई थी।
16 अप्रैल 2025 : मलिहाबाद दिलावर नगर और रहीमाबाद रेलवे ट्रैक पर लकड़ी का मोटा बोटा रखकर सहरसा-आनंद विहार गरीबरथ एक्सप्रेस पलटाने की कोशिश।
24 अक्टूबर 2024 : मलिहाबाद स्टेशन से एक किमी पहले रलवे पटरी बर लकड़ी का बोटा और बड़े पत्थर रखकर वाराणसी एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 14236 को पलटाने की साजिश हुई थी।
सितंबर 2024 : आलमनगर और मलिहाबाद के बीच रेलवे ट्रैक पर लोहे का टुकड़ा और सीमेंट का पिलर रखकर कालिंद्री एक्सप्रेस को पलटाने की कोशिश हुई।
क्या बोले अफसर
एसपी जीआरपी रोहित मिश्र ने कहा कि जीआरपी को दी टीमों के अलावा आरपीएफ की सीआईबी और पुलिस की टीमें तफ्शीश में लगी हैं। कई संदिग्धों से पूछताछ की गई। कुछ जानकारियां मिली हैं। कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लिया गया है। रेलवे ट्रैक की निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
एसीपी कैंट ज्ञानेंद्र सिंह के अनुसार घटनास्थल को जाने वाले मार्गों पर लगे सीसी कैमरों आदि की तफ्तीश की जा रही है। कुछ संदिग्धों से पूछताछ हुई है। सर्विलांस, पुलिस के अलावा आरपीएफ और रेलवे की टीमें जांच कर रही हैं।




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