पूर्व MLC हाजी इकबाल और महमूद को मिली बड़ी राहत, अदालत ने खत्म किया डकैती का मुकदमा
पूर्व MLC भाई हाजी इकबाल और महमूद को हाईकोर्ट से डकैती और बंधक बनाने के मुकदमे में बड़ी राहत मिल गई। अदालत ने वादी और पूर्व MLC पक्ष द्वारा किए समझौते को मंजूरी देते हुए मामला खत्म कर दिया।

पूर्व एमएलसी भाई हाजी इकबाल और महमूद को हाईकोर्ट से डकैती और बंधक बनाने के मुकदमे में बड़ी राहत मिल गई। जस्टिस नीरज तिवारी की अदालत ने वादी और पूर्व एमएलसी पक्ष द्वारा किए समझौते को मंजूरी देते हुए मामला खत्म कर दिया। इसके साथ ही पूर्व एमएलसी के चार बेटों के साथ ही सभी 11 लोगों को गंभीर धाराओं में दर्ज मुकदमे से राहत मिल गई।
बसपा के पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल के परिवार को दिक्कतों के बाद अब राहत मिलना शुरू हो गई है। बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने जहां उनके खिलाफ सात गंभीर मुकदमों की एफआईआर खारिज कर दी थीं। वहीं अब हाईकोर्ट ने भी बड़ी राहत दी है। दरअसल बीते साल 23 सितंबर -23 को हरियाणा के जगाधरी शहर के ओमेक्स सिटी निवासी कर्मजीत सिंह ने मिजार्पुर थाने में मुकदमा कायम कराया था। इसमें कहा गया था कि कर्मजीत सिंह ने साल 2012 में पूर्व एमएलसी की कॉलेज का तीन करोड़ खर्च कर निर्माण किया था। लेकिन, उसके करीब डेढ़ करोड़ रुपये रह गए थे। आरोप था कि 14 दिसंबर 2021 को वह जब हाजी इकबाल के यहां बकाया डेढ़ करोड़ की रकम मांगने पहुंचा तो उसे बंधक बना लिया। कनपटी पर तमंचा रखा दिया गया। इस मामले में पुलिस ने हाजी इकबाल, उनके भाई महमूद, बेटे वाजिद, अफजाल, अलीशान और जावेद के अलावा विकास नगर के दिलशाद, हुसैन, गांव माजरी रामपुर मनिहारान के नवाब, अंबाला के सुशील चौधरी और मन्नान को नामजद कराया गया था। पुलिस ने मामले की तफ्तीश कर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी।
हाईकोर्ट के अधिवक्ता इंद्रवीर सिंह यादव के मुताबिक इसी बीच वादी कर्मजीत सिंह और पूर्व एमएलसी के बीच समझौता हो गया। समझौते को हाईकोर्ट के जस्टिस नीरज तिवारी की अदालत के समक्ष रखा गया। वहां पर दोनों पक्षों को सुनने और समझौता का वेरीफिकेशन होने के बाद अदालत ने मामला निरस्त कर दिया।




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