कलफदार सफेद पठानी सूट, कार की सनरूफ; जेल से निकले इरफान सोलंकी का दिखा पुराना तेवर
करीब 34 महीने बाद समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी महराजगंज जेल से रिहा हो गए। सफेद कुर्ते में पुराने तेवर के साथ बाहर निकले तो समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद रिहा हुए इरफान ने इसे न्याय की जीत बताई।

आजम खां के बाद समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी भी महराजगंज जेल से रिहा हो गए। लगभग 34 महीनों की लंबी कैद के बाद बाहर निकलते ही वे कलफदार सफेद कुर्ते में पुराने जोश और तेवर के साथ नजर आए। जेल के गेट खुलते ही समर्थकों ने उनका स्वागत किया। पत्नी और बच्चे दौड़कर उनसे गले लगे। वहीं, इरफान अपने चिर परिचित अंदाज में हाथ ऊपर कर सभी का अभिवादन किया। सन रूफ से अभिवादन के बाद खुद ही ड्राइविंग सीट भी संभाल ली और कार चलाकर गए। उन्होंने मीडिया और चाहने वालों को शुक्रिया कहा। इरफान ने “न्याय की जीत” बताते हुए कहा, “अल्लाह का शुक्र है, अब हम फिर से जनता की सेवा के लिए तैयार हैं।”
मंगलवार शाम सपा नेता इरफान सोलंकी की 1013 दिन बाद महराजगंज जेल से रिहा हो गए। दरअसल इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल प्रशासन ने विधिक औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें रिहा किया। बता दें कि 3 साल पहले यानि 22 दिसंबर 2022 को इरफान सोलंकी को कानपुर जेल से प्रशासनिक आधार पर कड़ी सुरक्षा के बीच महराजगंज जिला कारागार में शिफ्ट किया गया था। चार दिन बाद 26 दिसंबर 2022 को कानपुर के जाजमऊ थाने में तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार दुबे की तहरीर पर इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान सोलंकी, इसराइल आटेवाला, मोहम्मद शरीफ और शौकत अली के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की धारा 3(1) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
इसी साल 25 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इरफान सोलंकी, भाई रिजवान सोलंकी और एक अन्य आरोपित इजराइल आटे वाला को जमानत दी है। उन्हें अन्य मामलों में पहले ही राहत मिल चुकी थी। इरफान पर मकान जलाने, रंगदारी मांगने, जमीन कब्जाने और फर्जी दस्तावेज के जरिए बांग्लादेशी नागरिक को भारतीय पहचान दिलाने समेत दो दर्जन से अधिक आरोप थे। लेकिन वर्तमान समय में वे केवल गैंगस्टर एक्ट से जुड़े एक वाद में ही निरुद्ध थे।
ईडी ने बढ़ाई इरफान सोलंकी की टेंशन
भले ही इरफान सोलंकी को सभी मुकदमों में जमानत मिल चुकी है लेकिन ईडी ने उनकी टेंशन बढ़ा दी है। दरअसल रिहा होने से पहले ही सोमवार को ईडी ने पूर्व विधायक समेत पांच लोगों को नोटिस जारी कर तलब किया था। इस मामले में 2 लोगों ने अपना पक्ष रखने के लिए लखनऊ कार्यालय पहुंचे वहीं, अगली सुनवाई की डेट 28 अक्टूबर है। दरअसल ईडी ने मार्च 2024 में इरफान सोलंकी के 5 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान 30 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की गई। ये कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं, संदिग्ध लेनदेन और बांग्लादेशी नागरिक को आश्रय देने के आरोप में की गई थी।




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