Census Of India: पोर्टल पर आज से खुद कर सकेंगे स्व-गणना; 34 सवालों का जवाब देना होगा
यूपी के लोग आज से अपनी जनगणना खुद कर सकेंगे। जनगणना का पहला चरण शुरू होने से पहले गुरुवार से स्वगणना शुरू होगी। यह प्रक्रिया 21 मई तक चलेगी, जिसके बाद 22 मई से प्रगणक खुद जाकर आंकड़ों की तस्दीक करेंगे। इसके अलावा जिन्होंने स्वगणना की प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया होगा, उनका ब्योरा दर्ज करेंगे।

उत्तर प्रदेश के निवासी गुरुवार से अपनी जनगणना खुद कर सकेंगे। जनगणना का पहला चरण शुरू होने से पहले गुरुवार से स्वगणना शुरू होगी। यह प्रक्रिया 21 मई तक चलेगी, जिसके बाद 22 मई से प्रगणक खुद जाकर आंकड़ों की तस्दीक करेंगे। इसके अलावा जिन्होंने स्वगणना की प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया होगा, उनका ब्योरा दर्ज करेंगे। 22 मई से शुरू होने वाला यह चरण 20 जून तक चलेगा, जिसमें मकानों की गणना प्रगणक घर-घर जाकर करेंगे। जनगणना का दूसरा चरण अगले साल होगा। इस बार जनगणना की पूरी प्रक्रिया डिजिटल मोड में की जा रही है।
निदेशक व मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार से शुरू होने वाली स्वगणना में लोग स्वगणना के लिए विशेष तौर पर तैयार किए गए पोर्टल, se.census.gov.in पर जाकर जानकारी दर्ज करवा सकेंगे। उन्हें 34 सवालों के जवाब देने होंगे। इसके बाद उन्हें एक विशेष स्वगणना आईडी (एसई आईडी) मिलेगी। जब प्रगणक उनके पास तक पहुंचेंगे तो वे उसकी तस्दीक करके आईडी जनगणना पोर्टल पर दर्ज करेंगे।
तबादला नीति भी इसी बीच, ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को राहत नहीं:
राज्य सरकार ने तबादला नीति जारी कर दी है, जिसमें जनगणना में लगे कर्मचारियों को इससे अलग नहीं रखा गया है। तबादला सत्र की आखिरी तारीख 31 मई रखी गई है, जबकि तमाम राज्य कर्मचारी भी 22 मई से जनगणना कार्य में लगाए गए हैं। ऐसे में अगर इनका तबादला होता है तौर तत्काल प्रभाव से इन्हें नई तैनाती स्थल में पदभार ग्रहण करने के लिए कहा जाता है तो जनगणना कार्य प्रभावित हो सकता है। जनगणना का पहला चरण 22 मई से 20 जून तक चलना है।
प्रशिक्षण कार्य में तेजी
जनगणना के काम में प्रदेश भर से तकरीबन पांच लाख कर्मचारियों का इस्तेमाल होगा। इस संख्या में अतिरिक्त या रिजर्व में रखे गए कर्मचारी भी शामिल हैं। बड़े स्तर पर प्रशिक्षण हो चुका है। हालांकि अब भी प्रशिक्षण का काम पूरा नहीं हुआ है। स्वगणना प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही अब बचे हुए कर्मचारियों के प्रशिक्षण में तेजी लाई जा रही है। कर्मचारियों को संदेश भेजा जा रहा है और उन्हें प्रशिक्षण में हिस्सा लेने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
एक रसोई - एक परिवार
जनगणना के नियमों के मुताबिक एक साथ रहने वाले और एक रसोई में भोजन करने वालों को एक ही परिवार के तौर पर दर्ज किया जाएगा। परिवार की गिनती के लिए साझा रसोई को ही निर्णायक कारक माना जाएगा। वहीं, जनगणना की प्रक्रिया में मकान उसे माना जाएगा जिसमें आंगन, सड़क, सीढ़ी के इतर अलग से मुख्य प्रवेश द्वार होगा।
स्वगणना के लिए अपनानी होगी ये प्रक्रिया
● स्व-गणना पोर्टल se.census.gov.in खोलें
● परिवार पंजीकरण करें (नाम व मोबाइल नंबर)
● भाषा चुनें और ओटीपी सत्यापन करें
● पता दर्ज करें और मानचित्र पर घर चिह्नित करें
● जनगणना प्रश्नावली भरें और अंतिम सबमिट कर एसई आईडी प्राप्त करें
● प्रगणक द्वारा एसई आईडी की प्रविष्टि व क्षेत्रीय सत्यापन
ये सवाल पूछे जाएंगे
जनगणना में कुल 34 सवाल पूछे जाएंगे। इन सवालों को 5 कैटेगरी में बांटा गया है। जो इस प्रकार है
भवन दशा
● लाइन नंबर
● भवन नंबर
● जनगणना मकान नंबर
● फर्श की सामग्री
● दीवार की सामग्री
● छत की सामग्री
● जनगणना मकान का उपयोग
● जनगणना मकान की स्थिति
● आवास दशा
परिवार विवरण
● परिवार संख्या
● परिवार में सामान्यतः निवासरत कुल व्यक्ति
● मुखिया का नाम
● मुखिया का लिंग
● मुखिया की स्थिति (एससी/एसटी व अन्य)
● मकान का स्वामित्व
● कमरों की संख्या
● विवाहित जोड़ों की संख्या
● रेडियो/ट्रान्जिस्टर
● टेलीविजन
● इंटरनेट की पहुंच
● कंप्यूटर/लैपटॉप
● मोबाइल/स्मार्टफोन
● साइकिल/ स्कूटर /मोटरसाइकिल
● कार/जीप/वैन
● पेयजल का मुख्य स्रोत
● पेयजल स्रोत की उपलब्धता
● प्रकाश का मुख्य स्रोत
● शौचालय
● शौचालय का प्रकार
● अपशिष्ट जल निकासी
● स्नान सुविधा
● रसोई व एलपीजी व पीएनजी कनेक्शन
● खाना पकाने का मुख्य ईंधन
● अन्य: घर में मुख्य अनाज, मोबाइल नंबर




साइन इन