प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर नई व्यवस्था, अब इन मकान के मालिकों को मिलेगी दूसरी किस्त
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-दो के मकानों की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी और सही होने पर अब ही अब दूसरी किस्त जारी की जाएगी। लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक योजना में यह व्यवस्था लागू कर दी गई है।

PM Awas Yojna: प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-दो के मकानों की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी और सही होने पर अब ही अब दूसरी किस्त जारी की जाएगी। लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक योजना में यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। राज्य मिशन निदेशालय ने इस संबंध में सभी जिला नगरीय विकास अभिकरणों को विस्तृत निर्देश जारी कर दिए हैं।
इसके मुताबिक, राज्य स्तर पर थर्ड पार्टी क्वालिटी मानिटरिंग एजेंसियों (टीपीक्यूएमए) का चयन जब तक नहीं हो जाता, तब तक जिलों में परियोजना निदेशक की अध्यक्षता में बनी तकनीकी टीम गुणवत्ता का सत्यापन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर सरकारी तकनीकी संस्थानों या विशेषज्ञ एजेंसियों की मदद ली जाएगी। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, गुणवत्ता जांच के लिए पांच से 10 प्रतिशत या न्यूनतम 50 आवासों का सैंपल लिया जाएगा। छोटे शहरों में विभिन्न परियोजनाओं को मिला कर क्लस्टर बनाकर जांच की जाएगी, जबकि 50 से कम आवास होने पर सभी इकाइयों का सत्यापन अनिवार्य होगा।
गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप होगी जांच
सत्यापन के दौरान प्लिंथ व सुपर स्ट्रक्चर की स्थिति, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप निर्माण की विशेष जांच की जाएगी। प्रत्येक निरीक्षण का पूरा अभिलेखीकरण किया जाएगा, जिसमें जियो-टैग फोटोग्राफ, लाभार्थी विवरण, किस्त भुगतान की स्थिति और संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर सहित प्रमाण शामिल होंगे। निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि टीपीक्यूएमए एजेंसियों के चयन के बाद यह अंतरिम व्यवस्था स्वतः समाप्त हो जाएगी। सरकार ने यह व्यवस्था इसलिए की है, ताकि एजेंसियों का चयन होने तक जांच की प्रक्रिया न प्रभावित हो और लाभार्थियों को उनकी अगली किस्त के लिए इंतजार न करना पड़े।




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