संभल के चर्चित एएसपी अनुज चौधरी पहुंचे वृंदावन, संत प्रेमानंद से लिया आशीर्वाद
Sambhal News - वृंदावन में एएसपी अनुज चौधरी ने संत प्रेमानंद महाराज से मिलकर उन्हें न्याय और नैतिक दायित्व के जटिल प्रश्नों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। संत ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस को आरोपी...

वृंदावन की पवित्र भूमि पर रविवार को एएसपी अनुज चौधरी ने संत प्रेमानंद महाराज से मिलकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। कानून, न्याय और नैतिक दायित्व से जुड़े जटिल प्रश्नों पर मार्गदर्शन भी प्राप्त किया। इस वार्तालाप ने न केवल एक पुलिस अधिकारी की चिंता को उजागर किया, बल्कि संत के उत्तरों ने भी न्याय के गूढ़ स्वरूप को सरल और गहन तरीके से प्रस्तुत किया। एएसपी अनुज चौधरी ने संत प्रेमानंद महाराज से प्रश्न पूछा कि “जब किसी केस में वादी पक्ष यह कहता है कि उसके बेटे की हत्या की गई है, लेकिन कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं होता, और आरोपी कहता है कि वह घटनास्थल पर था ही नहीं ऐसे में क्या किया जाए? यदि पुलिस आरोपी को छोड़ देती है तो उस पर लापरवाही या पक्षपात का आरोप लगता है, और अगर साक्ष्य के अभाव में कार्यवाही की जाती है तो यह भी अनुचित प्रतीत होता है।
पुलिस की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी क्या होनी चाहिए? संत प्रेमानंद महाराज ने उत्तर दिया कि जब रिपोर्ट दर्ज हुई है तो आप उसे यूं ही नहीं छोड़ सकते। आप अंतर्यामी नहीं हैं जो पर्दे के पीछे की बातें जान लें। आपके पास जो साधन हैं साक्ष्य और विवेचना, उसी के आधार पर निर्णय लेना चाहिए।” उन्होंने कहा कि यदि आरोपी निर्दोष है और वह सजा पा रहा है, तो यह उसका प्रारब्ध है, जो किसी पिछले कर्म का परिणाम है। और अगर वह अपराधी है, लेकिन बच निकला, तो उसका पाप छिपा नहीं रहेगा, समय पर वह उसे दंडित करेगा।
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