रत्नागिरि, व्रजवाशी और हरियाणा फ्रेश घी की बिक्री पर रोक, खाद्य सुरक्षा की जांच में मिली मिलावट
रत्नागिरि, व्रजवाशी और हरियाणा फ्रेश घी की बिक्री पर रोक लगा दी गई हे।तीनों ब्रांड के घी के नमूने जांच में फेल हो गए। इन सभी ब्रांड के घी में गैरदुग्ध उत्पादों की मिलावट पाई गई है।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने रत्नागिरि, व्रजवाशी और हरियाणा फ्रेश ब्रांड के घी की बिक्री पर रोक लगा दी है। तीनों ब्रांड के घी के नमूने जांच में फेल हो गए। इन सभी ब्रांड के घी में गैरदुग्ध उत्पादों की मिलावट पाई गई है, जिसके बाद इन्हें जनस्वास्थ्य के लिए असुरक्षित घोषित कर दिया गया है।
एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने कहा कि गैर दुग्ध उत्पाद घी में नहीं मिलाए जाने चाहिए। दुग्ध में न पाए जाने वाले उत्पादों की मिलावट से तैयार घी की बिक्री नहीं होनी चाहिए। गुजरात के घी ब्रांड रत्नागिरि के नमूने लखनऊ से लिए गए थे। इसके बैच संख्या ईआईजी 25, ईजेबी 025, ईजेजे 025, ईजेबी 025 के नमूनों की जांच की गई थी। सभी में इस्तेमाल सामग्रियां अधोमानक पाई गईं और इन्हें खाने के लिहाज से असुरक्षित पाया गया। वहीं, गुजरात के ही घी ब्रांड व्रजवाशी के लखनऊ, अयोध्या व बहाइच से नमूने लिए गए थे। इनके बैच संख्या वीजी-012, वीजी-011 में भी उन उत्पादों की मिलावट पाई गई, जिनकी अनुमति नहीं है। इस उत्पाद का घी भी खाने के लिए असुरक्षित पाया गया है।
हरियाणा फ्रेश ब्रांड के नमूने बैच संख्या 88 व 59 से मुजफ्फरनगर से लिए गए थे। ये भी मानक पर खरे नहीं पाए गए। एफएसडीए आयुक्त ने इनकी बिक्री पर भी रोक लगा दी है। उन्होंने बताया कि इनकी बिक्री, भंडारण और वितरण पर समूचे उत्तर प्रदेश में रोक लगा दी गई है। यह रोक तब तक जारी रहेगी जब तक इनके उत्पादक गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं करते हैं। आदेश दिए गए हैं कि उत्पादक अगले 48 घंटे के भीतर इन उत्पादों के मौजूदा स्टॉक की जानकारी दें और तत्काल इन्हें बाजार से वापस लेना शुरू करें।




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