यूपी के ग्रामीण युवाओं को मिला रोजगार का नया साधन, गांव-गांव होगी नल-जल मित्र की तैनाती
नल जल मित्रों की तैनाती का पहला उद्देश्य गांवों में पानी की आपूर्ति की रफ्तार न थमने देना है। इस पहल से न सिर्फ गांवों में शुद्ध पेयजल की निरंतरता बनी रहेगी बल्कि ग्रामीण रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। गोरखपुर मंडल के चार जिलों में 6266 नल जल मित्र तैनात करने की कार्ययोजना आगे बढ़ चुकी है।

यूपी के ग्रामीण युवाओं को रोजगार का एक नया साधन मिल गया है। जल जीवन मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत की गई व्यवस्थाओं से गांवों में पानी की धार तो बरकरार रहेगी ही, गांव की युवाशक्ति रोजगार से भी जुड़ेगी। जलापूर्ति की देखरेख, पाइपलाइन की मरम्मत और पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए नल जल मित्र की तैनाती से गांव के युवाओं को अपने ही गांव में आजीविका कमाने का अवसर मिल जाएगा। जल जीवन मिशन ग्रामीण के तहत गोरखपुर मंडल के चार जिलों में 6266 नल जल मित्र तैनात करने की कार्ययोजना आगे बढ़ चुकी है।
नल जल मित्रों की तैनाती का पहला उद्देश्य गांवों में पानी की आपूर्ति की रफ्तार न थमने देना है। इस पहल से न केवल गांवों में शुद्ध पेयजल की निरंतरता बनी रहेगी बल्कि ग्रामीण रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। गोरखपुर मंडल के गोरखपुर जिले में 2098, देवरिया में 1739, कुशीनगर में 1309 और महराजगंज में 1120 नल जल मित्र की तैनाती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नल जल मित्र गांवों में बिछी पाइपलाइन और नल कनेक्शनों की नियमित देखरेख करेंगे। पाइपलाइन फटने या लीकेज होने पर तत्काल मरम्मत व तकनीकी सुधार करेंगे। इसके साथ ही वह समय-समय पर पानी के नमूनों की जांच करेंगे ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ और शुद्ध जल मिल सके।
गांव में जल मित्र होने से अब पाइप से जलापूर्ति वाले गांवों में ग्रामीणों को पानी की छोटी-मोटी समस्याओं के लिए ब्लॉक या जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने होंगे। गांव का युवा ही गांव की समस्या का समाधान कर देगा। वहीं दूसरी तरफ गांव के युवा को घर रहकर ही आजीविका का एक साधन मिल जाएगा। घरेलू और कृषि कार्य करने के साथ उसे जल मित्र के रूप में अतिरिक्त आमदनी भी प्राप्त होगी।
जल निगम ग्रामीण गोरखपुर के अधिशासी अभियंता अखिल आनंद के अनुसार नल जल मित्र की तैनाती ग्राम प्रधान के प्रस्ताव पर की जा रही है। प्रधान द्वारा संस्तुत गांव के युवा को जरूरी प्रशिक्षण देकर उन्हें कुशल बनाने की व्यवस्था इस योजना के तहत जल मित्र को प्रतिमाह चार हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है। वह बताते हैं कि गोरखपुर में अब तक 900 नल जल मित्र तैनात किए जा चुके हैं।




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