पीडब्ल्यूडी ऑफिस में हंगामा, जेई और ठेकेदार में हाथापाई, कर्मचारियों को बुलानी पड़ी पुलिस
यूपी के गोरखपुर में पीडब्ल्यूडी ऑफिस में हंगामा किया है। जेई और ठेकेदार में हाथापाई हो गई। बाद भीड़ लग गई। ठेकेदार को कमरे में बैठाकर कर्मचारियों ने डॉयल 112 पर कॉल कर पुलिस बुलाई।

यूपी के गोरखपुर में कैंट थाना क्षेत्र स्थित पीडब्ल्यूडी ऑफिस में हंगामा हो गया। जेई और ठेकेदार के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई हो गई, जिसके बाद भीड़ लग गई। ठेकेदार को कमरे में बैठाकर कर्मचारियों ने डॉयल 112 पर कॉल कर पुलिस बुलाई। घटना के बाद पहुंची पुलिस काफी देर तक पीडब्ल्यूडी के ऑफिस में बैठकर दोनों पक्षों की बातें सुनीं। मामला शांत न होने पर दोनों पक्षों को थाने लेकर गई।
कैंट थाना क्षेत्र में स्थित पीडब्ल्यूडी के ऑफिस के फर्स्ट फ्लोर पर अपने कमरे में जेई बैठे थे। जेई के मुताबिक, दोपहर करीब 1:30 बजे एक ठेकेदार आए। कार्य में बाधा डालने पर उन्हें बाहर जाने को कहा तो वह हाथापाई करने लगे, जिससे मेरी शर्ट फट गई। शोर सुनकर ऑफिस के अन्य कर्मचारी भी आ गए। सभी लोगों ने मिलकर ठेकेदार को कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद डॉयल 112 पर कॉल कर पुलिस को बुला लिया। दोनों ही एक दूसरे पर आरोप लगा रहे थे। इसके बाद कैंट थाने की पुलिस को सूचना दी गई।
कैंट थाने की पुलिस आकर जेई और ठेकेदार को थाने लेकर गई, जहां दोनों पक्षों से लोग पहुंचे। ठेकेदार ने बताया कि उन्होंने भ्रष्टाचार की शिकायत की है, इसलिए अभियंता उनसे खार खाएं हैं। वह पीडब्ल्यूडी में रजिस्टर्ड कांट्रेक्टर हैं और एक एई से मिलने गए थे। उन्होंने झूठी कहानी बनाई है।
ठेकेदार ने विभाग में की थी भ्रष्टाचार की शिकायत
ठेकेदार ने लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता से शिकायत की थी कि शहर में जब वीआईपी कार्यक्रम होते हैं तो फर्जी अभिलेख तैयार कर करोड़ों रुपये का बंदरबांट किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में एई और जेई ने फर्जी अभिलेख तैयार कर करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक का बंदरबांट किया।
रात में जिलाधिकारी और एसएसपी से की मुलाकात
पीडब्ल्यूडी के जेई एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके सिंह ने बुधवार रात में अभियंताओं के साथ डीएम आवास पहुंचकर डीएम दीपक मीणा से मुलाकात की। उसके बाद वे एसएसपी कार्यालय में पहुंचे। उनके साथ अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार, अरविंद कुमार सिंह एवं आरपी सिंह भी शिकायत करने पहुंचे थे।
विवाद के बाद नहीं हुई रजिस्ट्री
सीआरओ न्यायालय में सरकारी परियोजनाओं के अंतर्गत रजिस्ट्री करने वाले लोगों के लिए पेठा-पानी और बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था कर दी गई जबकि रजिस्ट्री कार्यालय से पहुंची शिकायतों के बाद सर्वर भी ठीक हो गया है। विवाद के बाद दोनों दफ्तरों में बुधवार को रजिस्ट्री नहीं हो पाई।




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