rare relics of Somnath Jyotirlinga preserved for 1000 year will display today Gorakhpur residents will be witnesses 1000 वर्षों से सरंक्षित सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दुर्लभ अवशेषों के आज होंगे दर्शन, गोरखपुरवासी बनेंगे साक्षी, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

1000 वर्षों से सरंक्षित सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दुर्लभ अवशेषों के आज होंगे दर्शन, गोरखपुरवासी बनेंगे साक्षी

गोरखपुर में पहली बार सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के अवशेषों के दर्शन-पूजन का आयोजन होने जा रहा है। एक हजार वर्षों से विलुप्त माने गए अवशेष बेंगलुरु से स्वामी प्रकाशानंद के साथ यहां लाए जा रहे हैं। 1025 ई. के आक्रमण के दौरान मूल सोमनाथ लिंग खंडित होने के बावजूद लुप्त नहीं हुआ

Fri, 10 April 2026 11:06 AMsandeep हिन्दुस्तान, निज संवाददाता, गोरखपुर
share
1000 वर्षों से सरंक्षित सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दुर्लभ अवशेषों के आज होंगे दर्शन, गोरखपुरवासी बनेंगे साक्षी

गोरखपुरवासी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण के साक्षी बनने जा रहे हैं। यहां पहली बार सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के अवशेषों के दर्शन-पूजन का आयोजन होने जा रहा है। एक हजार वर्षों से विलुप्त माने गए अवशेष बेंगलुरु से स्वामी प्रकाशानंद के साथ यहां लाए जा रहे हैं। शहर के गीता वाटिका मंदिर में शुक्रवार को आयोजन होगा। आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर के मार्गदर्शन में यात्रा संचालित हो रही है। बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम माने जाने वाले सोमनाथ ज्योतिर्लिंग को दिव्य प्रकाश के स्तंभ के रूप में पूजा जाता है, जो भगवान शिव के अनंत और निराकार स्वरूप का प्रतीक है। जिनके आज गोरखपुर के लोग दर्शन करेंगे।

गीता वाटिका मंदिर में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के अवशेषों के दर्शन

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के अवशेषों के साथ की जा रही यह यात्रा आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर के मार्गदर्शन में संचालित हो रही है। गीता वाटिका मंदिर, शाहपुर में शुक्रवार शाम अवशेषों के दर्शन-पूजन का आयोजन होगा। आर्ट ऑफ लिविंग के इस कार्यक्रम में श्रद्धालु शामिल होकर भक्ति और सामूहिक आध्यात्मिक ऊर्जा के माध्यम से भगवान शिव की सनातन उपस्थिति का अनुभव कर सकते हैं।

1 हजार वर्षों से संरक्षित किए जा रहे अवशेष

आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर इस क्षण के महत्व के बारे में बताते हैं कि इतिहास में सोमनाथ मंदिर ने कई बार विनाश और पुनर्निर्माण के चक्र देखे हैं, फिर भी उसका आध्यात्मिक महत्व कभी कम नहीं हुआ। ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, 1025 ईस्वी के आक्रमण के दौरान मूल सोमनाथ लिंग के खंडित होने के बावजूद वह समय के साथ लुप्त नहीं हुआ।

पीढ़ीदर पीढ़ी संरक्षित किए गए सोमनाथ ज्योर्तिलिंग के अवशेष

इसके पवित्र अवशेषों को पीढ़ी दर पीढ़ी श्रद्धा के साथ संरक्षित कर विभिन्न क्षेत्रों में ले जाया गया और लगभग एक हजार वर्षों तक गुप्त रूप से सुरक्षित रखा गया। ये अवशेष पूजनीय संतों और आध्यात्मिक परंपराओं से संरक्षित रहे। आज ये अवशेष भारतभर में एक अद्भुत आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा हैं। ये लाखों लोगों को उस विरासत से पुनः जोड़ रहे हैं, जिसे लंबे समय तक खोया हुआ माना जाता था।

कल होगी महराजगंज जनपद की यात्रा

पहली बार बेंगलुरु से स्वामी प्रकाशानंद जी महराज सोमनाथ ज्योतिलिंग के अवशेषों को गोरखपुर ला रहे हैं, जिसका पवित्र दर्शन और पूजन श्रद्धालुओं, साधकों और परिवारों को भक्ति और अनुग्रह के वातावरण में एक साथ लाएगा। यहां से वे इन अवशेषों के साथ 11 अप्रैल को महराजगंज जनपद की ओर प्रस्थान करेंगे। इसके पूर्व आजमगढ़ सहित अन्य स्थानों की यात्रा पूर्ण कर चुके हैं।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।