चढ़ावा चोरी करने वाला नरक में कीड़े के रूप में जन्म लेता है, राम मंदिर को लेकर अयोध्या में अब पोस्टर वार
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में अब अयोध्या में पोस्टर वार छिड़ गया है। कांग्रेस की तरफ से लगाए गए पोस्टर में स्कंद पुराण के एक श्लोक के जरिए लिखा गया है कि चढ़ावे में चोरी करने वाला नरक में कीड़े के रूप में जन्म लेता है।

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर सियासी घमासान छिड़ा हुआ है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों के बाद मंदिर के ट्रस्ट पर कई तरह के आरोप लगे। इसके बाद योगी सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन भी शनिवार को दिया है। इस बीच अयोध्या में पोस्टर वार छिड़ गया है। सपा और आम आदमी पार्टी के बाद कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया गया है। उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला की ओर से शहर के प्रमुख पुष्पराज चौराहे पर लगाए गए पोस्टरों ने इस मामले को नई राजनीतिक धार दे दी है। इस पोस्टर में श्लोक के जरिए बताया गया है कि चढ़ावे में चोरी करने वाला नरक में कीड़े के रूप में जन्म लेता है।
कांग्रेस के पोस्टरों में स्कंद पुराण के एक श्लोक का उल्लेख करते हुए लिखा गया है कि श्रीरामलला न्याय करेंगे। इसके साथ ही लिखा गया है कि मंदिर को दान में दी गई भूमि, संपत्ति अथवा धन का हरण करने वाला व्यक्ति धर्मशास्त्रों के अनुसार गंभीर पाप का भागीदार होता है। जो भी व्यक्ति दान की राशि हड़पता है या चोरी करता है, वह साठ हजार वर्षों तक नरक में कीड़े के रूप में जन्म लेता है।
प्रशासन ने हटवाई होर्डिंग
कांग्रेस नेता की तरफ से होर्डिंग लगवाने की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक टीम भी एक्टिव हो गई। कर्मचारियों को भेजकर सोमवार की सुबह होर्डिंग हटवा दी गई। इस पर शरद शुक्ला ने प्रशासन पर भी हमला बोला। कहा कि कालनेमियों के मुखौटे नहीं उतरे, पर सच वाली होर्डिंग तुरंत उतरवा दी।
चोरी किया चढ़ावा वापस रख दीजिए..., अखिलेश का तंज
इससे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को कहा कि राम मंदिर चढ़ावे में चोरी की जांच कराना सनातन के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। अब धर्म को आगे बढ़ाने वाले पुजारियों की जांच अधिकारी करेंगे तो यह सनातन का अपमान होगा। प्रभु श्रीराम के चढ़ावे में कोई बात हुई है तो कैमरे बंद करके चोरी किया चढ़ावा वापस रख दीजिए। भगवान माफ कर देंगे। वह रविवार को विजन इंडिया संवाद के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
एसआईटी पर भरोसा नहीं, अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद
उधर, अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने श्रीराम जन्मभूमि क्षेत्र ट्रस्ट को कठघरे में खड़ा करते हुए मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के निर्देशन में गठित स्वतंत्र समिति से कराने की मांग की। सांसद ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी पर उन्हें भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए पहले राम मंदिर ट्रस्ट को भंग करने के साथ ट्रस्ट के सभी जिम्मेदार पदाधिकारियों को हटाया जाना चाहिए, क्योंकि प्रदेश सरकार द्वारा गठित की गई एसआईटी जांच पर उन्हें भरोसा नहीं है।
उन्होंने इस मामले को सार्वजनिक करने का श्रेय सपा प्रमुख अखिलेश यादव को दिया। सांसद बोले कि अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर इस प्रकरण को उठाया और इसकी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यह केवल ट्रस्ट या प्रदेश का मामला नहीं है, बल्कि भगवान राम और देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि चढ़ावे की रकम को गोबर और घूर के गड्ढों में छिपाए जाने जैसी सूचनाएं भी सामने आ रही हैं। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होने पर ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।
दो दिन में भाग जाएंगे अथवा जेल जाएंगे: विनय कटियार
वहीं, राम नगरी के पूर्व सांसद विनय कटियार ने रविवार को पुलिस अधिकारियों से मिलने का ऐलान किया था हालांकि एसआईटी गठित हो जाने के कारण वह उनसे बिना मिले ही लखनऊ के लिए रवाना हो गए। इससे पहले राममंदिर चढ़ावा मामले में पूर्व सांसद ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि गम्भीर मामला है। इसमें लोग बलिदान हुए है। हमारे व कल्याण सिंह जैसे लोग जेल गए हैं। इस्तीफा दिए थे कल्याण सिंह जैसे लोग, तब जाकर मंदिर बनना शुरू हुआ है। कहा था कि हम राममंदिर जाएंगे। वहां पर गोपालजी को किसने भेजा। बहुत दिन बाद एक दिन गया था। जितने हैं, सब यहां से भागेंगे। दो दिन में सब भाग जाएंगे अथवा जेल जाएंगे। क्या घोटाला है यह सब पता चल जाएगा।




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