रोबोटिक सर्जरी से कूल्हे का सटीक इलाज हो रहा संभव
Prayagraj News - प्रयागराज में हड्डियों के इलाज पर केंद्रित दो दिवसीय सेंट्रल जोन मिड टर्म सिम्पोजियम का समापन हुआ। इसमें विशेषज्ञों ने कूल्हे की समस्याओं और नवीनतम उपचार पद्धतियों पर चर्चा की। डॉ. रमेश सेन ने बताया कि कूल्हे की समस्याएं उम्र, चोट, और गठिया के कारण होती हैं, जबकि रोबोटिक सर्जरी से सटीक इलाज संभव है।
प्रयागराज। हड्डियों के इलाज की आधुनिक तकनीक पर केंद्रित दो दिवसीय सेंट्रल जोन मिड टर्म सिम्पोजियम का रविवार को सिविल लाइंस स्थित एक होटल में समापन हुआ। आर्थोपेडिक्स से संबंधित शैक्षणिक आयोजन में इंडियन ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के मध्य क्षेत्र से जुड़े राज्यों के हड्डी रोग विशेषज्ञों ने नवीनतम उपचार पद्धति पर विचार व्यक्त किए। इस मौके पर पीजीआई चंड़ीगढ़ के डॉ. रमेश सेन ने कहा कि कूल्हे की समस्याओं का सबसे आम कारण उम्र के साथ कूल्हे के जोड़ का घिसना, चोट, फ्रैक्चर व गठिया रोग है। कूल्हे के इलाज में सर्जरी एक अंतिम विकल्प होता है, क्योंकि ठीक होने में अधिक समय लगता है।
हालांकि रोबोटिक सर्जरी से कूल्हे का सटीक इलाज संभव हो रहा है।यंग सर्जन फोरम में प्रयागराज के रीढ़ रोग विशेषज्ञ डॉ. अक्षत चंद्रा ने एक ऐसे मरीज के बारे में केस स्टडी प्रस्तुत की जिसमें मरीज की मूल समस्या अविकसित दिमाग की थी लेकिन उसके प्रभाव से रीढ़ की हड्डी में परेशानी बढ़ गयी थी। जांच के दौरान पाया गया कि जन्म के समय बच्चा लगभग दो घंटे तक रोया नहीं था। इसलिए उसका संपूर्ण मस्तिष्क का विकास नहीं हुआ था।
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