कानपुर को पछाड़कर सबसे अधिक कमाई करने वाला स्टेशन बना प्रयागराज, एक साल में की 551 करोड़ की कमाई
प्रयागराज जंक्शन ने कमाई के मामले में कानपुर को पीछे छोड़ दिया है। 551 करोड़ की कमाई करके प्रयागराज पहले नंबर पर आ गया है। अब तक हमेशा कमाई करके अव्वल आने वाला कानपुर सेंट्रल इस बार 488 करोड़ की ही कमाई कर सका।

उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के प्रयागराज जंक्शन ने कमाई के मामले में कानपुर को पीछे छोड़ दिया है। 551 करोड़ रुपये की आय के साथ प्रयागराज जंक्शन पहले स्थान पर पहुंच गया है। हमेशा कमाई में अव्वल रहने वाला कानपुर सेंट्रल इस बार केवल 488 करोड़ रुपये ही जुटा सका। वहीं प्रयागराज जंक्शन ने पिछले वर्ष की तुलना में 140 करोड़ रुपये की बढ़त दर्ज करते हुए रिकॉर्ड कमाई की है। यह न सिर्फ प्रयागराज जंक्शन के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है, बल्कि पूरे उत्तर मध्य रेलवे के लिए भी एक मील का पत्थर साबित हुई है। महाकुंभ के प्रभाव से प्रयागराज जंक्शन के साथ-साथ छिवकी और सूबेदारगंज जैसे स्टेशनों की कमाई भी उल्लेखनीय रही।
वर्ष 2023-24 में प्रयागराज जंक्शन ने 411.98 रुपये कमाए थे। वहीं इस साल 140 करोड़ रुपये की छलांग लगाते हुए 511 करोड़ की कमाई की है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक महाकुंभ के कारण ऐसा हो पाया है। करोड़ों श्रद्धालुओं ने महाकुंभ के दौरान ट्रेनों से सफर की। स्पेशल ट्रेनों के अलावा अतिरिक्त कोच भी लगाई गई थी।
छिवकी स्टेशन को मिला नया ग्रेड
उत्तर मध्य रेलवे ने 408 स्टेशनों की वार्षिक ग्रेडिंग जारी की है। एनएसजी-2 श्रेणी में अब प्रयागराज छिवकी को भी शामिल कर लिया गया है, जो कि एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस ग्रेड में पहले से कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज जंक्शन, झांसी, ग्वालियर, आगरा कैंट और मथुरा शामिल थे। वहीं, एनएसजी-3 श्रेणी में सूबेदारगंज, चित्रकूट, और फतेहपुर जैसे स्टेशन भी शामिल हैं।
स्टेशनों की कमाई की लिस्ट
प्रयागराज जंक्शन-551 करोड़ रुपये
कानपुर सेंट्रल-488 करोड़ रुपये
छिवकी रेलवे स्टेशन–147 करोड़ रुपये
सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन–87 करोड़ रुपये
टूंडला - 75 करोड़ रुपये
इटावा - 56 करोड़ रुपये
मिर्जापुर - 52.87 करोड़ रुपये
फतेहपुर - 40 करोड़ रुपये




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