पंचायत चुनाव वोटर लिस्ट से नाम गायब तो क्या करें, नोटिस के जवाब के लिए तैयार रखें ये दस्तावेज
यूपी पंचायत चुनाव के लिए अनंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन हो गया है। बड़ी संख्या में लोग नाम गायब होने का आरोप लगा रहे हैं। इसके लिए दावा और आपत्ति की गई है। इस दावे के बाद आने वाली नोटिस में कुछ दस्तावेज देने होंगे।

यूपी में पंचायत चुनाव की अनंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद दावा-आपत्ति दर्ज कराई गई है। मंगलवार को दावे का अंतिम दिन था। भारी संख्या में लोग तहसीलों पर दावा-आपत्ति के लिए उमड़े। हर जिले में एक जैसी स्थिति देखने को मिली। त्रिस्तरीय पंचायतों की अनंतिम मतदाता सूची और विलोपित मतदाताओं की सूची का 23 दिसंबर को संबंधित मतदाता केंद्रों, क्षेत्र पंचायत कार्यालय, तहसील कार्यालय, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय और उप जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय पर प्रकाशन किया था। इसके सापेक्ष 30 दिसंबर तक आपत्ति दर्ज की जानी थी। इसके लिए प्रपत्र-2, 3 या 4 भरकर जमा करना था। मंगलवार को प्रपत्रों को लेने और भरकर जमा करने को भीड़ उमड़ी।
बनारस के चिरईगांव इलाके में ग्राम पंचायत जाल्हूपुर में 400, तोफापुर में 450, पूरनपट्टी में 175, तरयां में 150 बीकापुर में 125 मतदाताओं के नाम पिछली मतदाता सूची में थी लेकिन इस बार अनन्तिम मतदाता सूची से गायब हो गई है। इसी प्रकार लगभग सभीं ग्राम पंचायतों की मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम गायब हो गए हैं। इससे अगले चुनाव में प्रत्याशी बनने की हसरत पाले लोगों को झटका लगा है। हालांकि बीडीओ का कहना है कि जिनका भी नाम कट गया हो दस्तावेजों के साथ फार्म भर कर सम्बन्धित बीएलओ या ब्लाक कार्यालय में जमा कर सकते हैं। पात्र लोगों का नाम काटा नहीं जाएगा। इसी तरह बरेली में सबसे ज्यादा 1131 प्रपत्र बिथरी ब्लॉक के लोग लेकर गए और आपत्ति दर्ज कराई। क्यारा और फतेहगंज ब्लॉक में भी करीब 577 और भोजीपुरा ब्लॉक के 267 लोग फॉर्म ले गए। दावे-आपत्ति का निस्तारण सात जनवरी तक होगा।
नोटिस पाने वाले क्या करें
-ऐसे लोग जिनका जन्म भारत में एक जुलाई 1987 के पूर्व हुआ है मगर 2003 की सूची में नाम नहीं है। ऐसे मतदाताओं को अपनी जन्म तिथि या जन्म स्थान को प्रमाणित करने के लिए मान्य दस्तावेजों की सूची में से कोई दस्तावेज उपलब्ध कराना होगा।
-ऐसे लोग जिनका जन्म भारत में एक जुलाई 1987 और 2 दिसंबर 2004 के बीच हुआ है। इन मतदाताओं को अपना खुद का और अपने माता या पिता की जन्म तिथि या जन्म स्थान को प्रमाणित करने के लिए दस्तावेज देना होगा। यदि माता या पिता का 2003 की सूची में नाम है तो उन्हें माता या पिता का कोई दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं है। 2003 की मतदाता सूची ही साक्ष्य के रूप में पर्याप्त होगी।
-मतदाता का जन्म भारत में दो फरवरी 2004 के बाद हुआ है तो उन्हें अपने स्वयं का जन्म तिथि या जन्म स्थान का प्रमाण पत्र एवं माता या पिता में से एक का जन्म तिथि और जन्म स्थान को प्रमाणित करने के लिए सूची में अंकित कोई भी दस्तावेज उपलब्ध कराना होगा। यदि माता या पिता का 2003 की मतदाता सूची में नाम है तो उन्हें माता या पिता का कोई दस्तावेज उपलब्ध कराने की आवश्यकता नहीं है, 2003 की मतदाता सूची ही साक्ष्य के रूप में मान्य रहेगी।
यह दस्तावेज होंगे मान्य
-केंद्रीय, राज्य, सार्वजनिक उपक्रम के नियमित कर्मचारी-पेंशनभोगी को जारी पहचान पत्र अथवा पेंशन भुगतान आदेश
-सरकार, स्थानीय प्राधिकरण, बैंक, डाकघर, एलआईसी, सार्वजनिक उपक्रम द्वारा भारत में एक जुलाई 1987 से पूर्व जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र, प्रमाण पत्र अथवा दस्तावेज।
-सक्षम प्राधिकारी से जारी जन्म प्रमाण पत्र
-पासपोर्ट
-मान्यता प्राप्त बोर्ड से जारी मैट्रिकुलेशन शैक्षिक प्रमाण पत्र
-सक्षम राज्य अधिकारी से जारी जन्म प्रमाण पत्र
-वन अधिकार प्रमाण पत्र
-सक्षम प्राधिकारी से जारी ओबीसी, एससी-एसटी अथवा कोई भी जाति प्रमाण पत्र
-परिवार रजिस्टर की प्रति
-सरकार से आवंटित भूमि-मकान का प्रमाण पत्र




साइन इन