अखिलेश के जन्मदिन पर चर्चा का विषय बनी ओपी राजभर की फोटो वाली बधाई, क्या है खास
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को जन्मदिन पर बधाई सीएम योगी और मायावती से लेकर तमाम नेताओं ने दी है। लेकिन चर्चा का विषय सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर की बधाई बन गई है। उन्होंने बधाई के साथ जो फोटो लगाई है उसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर की ओर से दिया गया बधाई संदेश राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बन गया है। ओम प्रकाश राजभर ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने साथ अखिलेश यादव की बैठक करते हुए फोटो शेयर कर जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। यह तस्वीर पिछले चुनाव के ठीक पहले की है। उस समय ओपी राजभर भाजपा का साथ छोड़ चुके थे और समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन से ठीक पहले रणनीति बनाने के लिए बैठक की थी।
राजभर ने बधाई संदेश में लिखा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद अखिलेश यादव को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना करता हूं। अखिलेश के साथ उन्होंने जो फोटो शेयर की वह भले पुरानी है लेकिन चर्चाएं नई संभावनाओं को लेकर हो रही हैं।
आए दिन राजभर अपने बयानों से अखिलेश पर तीखा हमला बोलने में परहेज नहीं करते, लेकिन जन्मदिन वाले दिन उन्होंने अलग अंदाज में ही अखिलेश को बधाई देकर सभी को चौंका दिया। इससे राजनीति के गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं की जा रही हैं और राजनीतिक पंडित अपने-अपने हिसाब से इसके निहितार्थ निकाल रहे हैं। इस तस्वीर को लेकर राजभर ने कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंदिता अपनी जगह है और स्वस्थ लोकतंत्र की यह परंपरा है कि हम जन्मदिन व शुभ अवसरों पर एक-दूसरे को बधाई दें।
राजभर ने पिछले दो चुनाव अलग-अलग गठबंधनों के साथ लड़े हैं। 2017 में भाजपा के साथ गठबंधन किया और सरकार बनने पर योगी की पहली सरकार में मंत्री भी बने। फिर अचानक योगी पर इतने हमलावर हो गए कि मंत्री पद से उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। 2022 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन किया और चुनाव में उतरे। चुनाव बाद एक बार फिर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर हमलावर हो गए। इसका असर रहा कि भाजपा से करीबियां हुईं और फिर से योगी सरकार में मंत्री बन गए। हालांकि यह चर्चा बार-बार उड़ती रहती है कि उनकी सीएम योगी से अब भी उस तरह का तालमेल नहीं है जैसा अन्य सहयोगी दलों का है। राजभर भी बीच बीच में दिल्ली से सीधे संपर्क की बातें कहते रहते हैं। उनकी इन्हीं बयानबाजी के कारण आज चर्चाओं का बाजार एक बार फिर गर्माया हुआ है।




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