Only 60 percent of Yogi government budget spent, now the challenge is to use the balance in 6 days योगी सरकार के 8.65 लाख करोड़ के बजट में सिर्फ 60% खर्च, अब 6 दिन में बकाया इस्तेमाल करना चुनौती, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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योगी सरकार के 8.65 लाख करोड़ के बजट में सिर्फ 60% खर्च, अब 6 दिन में बकाया इस्तेमाल करना चुनौती

यूपी सरकार के कुल बजट का 60 फीसदी ही अब तक सरकारी विभाग खर्च कर सके हैं। ऐसे में अगर विभागों को अपना पूरा बजट इस्तेमाल करना है तो उन्हें बचे हुए दिनों में बजट का 40 प्रतिशत खर्च करना होगा, जो मुमकिन नहीं दिखता है।

Thu, 26 March 2026 12:48 PMsandeep लाइव हिन्दुस्तान
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योगी सरकार के 8.65 लाख करोड़ के बजट में सिर्फ 60% खर्च, अब 6 दिन में बकाया इस्तेमाल करना चुनौती

वित्तीय वर्ष समाप्त होने में एक सप्ताह का भी वक्त नहीं बचा है। बावजूद इसके सभी विभाग मिलकर यूपी सरकार के कुल बजट का 60 फीसदी ही अब तक खर्च कर सके हैं। यानी, अगर विभाग को अपना पूरा बजट इस्तेमाल करना है तो उन्हें बचे हुए दिनों में बजट का 40 प्रतिशत खर्च करना होगा, जो मुमकिन नहीं दिखता। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकार ने 8.08 लाख करोड़ रुपये का मूल बजट पेश किया था, जबकि अनुपूरक के साथ इसका आकार बढ़कर 8.65 लाख करोड़ रुपये हो गया था। वहीं, मार्च में अब तक सभी विभाग मिलकर तकरीबन 5.19 लाख करोड़ रुपये ही खर्च कर सके हैं।

बजट इस्तेमाल में सुस्ती पर सीएम योगी ने जताई थी नाराजगी

कई विभागों की स्थिति बजट खर्च करने में इतनी खराब है कि वे प्रावधानित राशि का 50 प्रतिशत भी खर्च नहीं कर सके हैं। सूत्र बताते हैं कि बीते दिनों मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट इस्तेमाल में बरती जा रही सुस्ती पर नाराजगी भी जताई थी।

वित्तीय वर्ष खत्म होने में 6 दिन बाकी

ऐसे तो अभी छह दिन का वक्त शेष 31 मार्च तक में बचा है, लेकिन वास्तविक कार्य दिवसों की संख्या इससे काफी कम है। गुरुवार और शुक्रवार को रामनवमी का अवकाश है। जिलों में कार्यालय शनिवार को खुलेंगे लेकिन शासन और बैंकों में अवकाश होगा। 31 मार्च को भी महावीर जयंती का अवकाश है।

जिलों पर रकम खर्च करने का दबाव

साल पर प्रावधानित बजट के इस्तेमाल में शासन स्तर पर बरती गई सुस्ती बीते कुछ दिनों में टूटी है। जिलों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे ज्यादा से ज्यादा बजट इस्तेमाल करें। हाल ही में लोक निर्माण विभाग में मौखिक तौर पर अभियंताओं को निर्देश दिए गए कि वे एडवांस तक में ठेकेदारों को भुगतान कर दें। अभियंताओं ने इसका विरोध करते हुए मुख्यमंत्री को शिकायत भी की है।

इन मदों में 50 फीसदी से भी कम खर्च

सिंचाई विभाग (निर्माण कार्य), संस्कृति विभाग, संस्थागत वित्त विभाग (स्टांप एवं पंजीकरण). सामान्य प्रशासन विभाग, समाज कल्याण विभाग (जनजाति कल्याण विभाग), लोक निर्माण विभाग (राज्य संपत्ति निदेशालय), राष्ट्रीय एकीकरण विभाग, राजस्व विभाग (आपदा राहत), परिवहन विभाग, न्याय विभाग, नगर विकास विभाग, आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा, कारागार, मत्स्य, ग्राम्य विकास, भूमि विकास एवं जल संसाधन, भारी एवं मध्यम उद्योग आदि।

अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई

आपको बता दें इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चालू वित्त वर्ष में बजट के उपयोग में तेजी लाने का निर्देश दिया था और आवंटित धनराशि के समय पर खर्च को सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर अधिकारियों की स्पष्ट जवाबदेही तय की थी। सीएम ने ने कहा था कि बजट के उपयोग में देरी से परियोजनाओं के समय पर पूरा होने में बाधा आती है और लोगों को सरकारी योजनाओं के अपेक्षित लाभ से वंचित होना पड़ता है। उन्होंने सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवंटित बजट का उपयोग निर्धारित समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए और चेतावनी दी कि इस संबंध में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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