अयोध्या में हर कण में मर्यादा और हर दीप में दया, हर हृदय में भगवान श्रीराम का वास: सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने अयोध्या धाम के रामकथा पार्क में राम राज्याभिषेक के बाद संतों को सम्मानित किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हम यहां लाखों दीपों से अयोध्या धाम को जगमगा रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नौवें दीपोत्सव पर रविवार को कहा कि केवल अयोध्या धाम में 26 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित हो रहे हैं। अगर पूरे प्रदेश भर में गणना की जाए तो 1 करोड़ 51 लाख दीप अकेले दीपोत्सव में जल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल दीप नहीं हैं, यह दीप 500 वर्षों के अंधकार पर आस्था की विजय के प्रतीक भी हैं। इन 500 वर्षों में किस प्रकार के अपमान झेलने पड़े और किस प्रकार के संघर्षों से हमारे पूर्वज जूझे, यह दीप उसी के प्रतीक स्वरूप हैं।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या धाम के रामकथा पार्क में राम राज्याभिषेक के बाद संतों को सम्मानित किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हम यहां लाखों दीपों से अयोध्या धाम को जगमगा रहे हैं, तब हमें यह विस्मृत नहीं करना चाहिए कि इसी अयोध्या में राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान कांग्रेस ने न्यायालय में भगवान श्रीराम को एक मिथक बताया था। कांग्रेस ने शपथ पत्र में दिया था कि भगवान श्रीराम काल्पनिक हैं। वहीं समाजवादी पार्टी ने रामभक्तों पर अयोध्या में गोलियां चलाई थीं।
ये वही लोग हैं, जो मुगलों की कब्र पर जाकर सजदा करते हैं लेकिन जब अयोध्या में रामलला विराजमान होने के कार्यक्रम में उन्हें निमंत्रण दिया जाता है। तो ये लोग राम मंदिर के निमंत्रण कार्यक्रम को ठुकरा देते हैं। हमें उनके इस दोहरे चरित्र का स्मरण रखना होगा। सीएम ने इस कहा कि ये वही लोग हैं जो अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति को अपनाकर आज भी जातीय विद्वेष पैदा करने का काम कर रहे हैं। हमें जातियों के बीच लड़ाने का काम कर रहे हैं। सदियों तक विदेशी आक्रांताओं ने भारत भूमि को अपवित्र करने के लिए सारे यत्न किए, सारे षड्यंत्र रचे।
अयोध्या टूरिज्म डेस्टिनेशन का बेहतरीन केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया अयोध्या में रामलला के दर्शन करने के लिए आ रही है। आज अयोध्या में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी, कोहिमा से लेकर कच्छ तक, भारत के हर राज्य का श्रद्धालु बड़ी आस्था के साथ आता है। दुनिया में जहां कहीं भी सनातन धर्म के अनुयायी हैं, वे लोग गहरी आस्था के साथ आते हैं और इस वैश्विक आध्यात्मिक राजधानी का दर्शन करके गौरव की अनुभूति करते हैं। कुछ लोगों ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए अयोध्या के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया था। आज अयोध्या को पहचान के संकट से नहीं गुजरना पड़ रहा है। आज तो अयोध्या आस्था के साथ-साथ दुनिया का बेहतरीन टूरिज्म डेस्टिनेशन बन गया है।
प्रधानमंत्री के संकल्पों के अनुरूप विकसित किया
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में पहले कुछ चंद हजार श्रद्धालु आते थे, तो अव्यवस्था और गंदगी का अंबार दिखाई देता था। अब हर वर्ष 6 करोड़ से लेकर 10 करोड़ श्रद्धालु अकेले अयोध्या धाम में आ रहे हैं। यह वही अयोध्या है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्पों के अनुरूप हमने विकसित किया है। वर्ष 1949 में जब रामभक्तों ने एक प्रयास किया कि रामलला भी आज़ादी के साथ विराजमान हों, तो मूर्ति हटाने का हुक्म जारी हो गया और कहा गया, मामला शांत करो, मामला शांत करो, लेकिन भक्तों ने कहा, कोई भी अयोध्या में राम जन्मभूमि से मूर्ति को हटा नहीं सकता। एक ही संकल्प था तब भी, रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। वर्ष 1950 से लेकर 1980 तक मंदिर को ताले में बंद किया गया। वर्ष 1986 तक यही स्थिति बनी रही। रामलला की जन्मभूमि में ही भगवान रामलला को कैद करके रखने का प्रयास हुआ।
रामराज्य की अवधारणा पर काम कर रही डबल इंजन सरकार
सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन सरकार रामराज्य की अवधारणा को अपनाते हुए हर जरूरतमंदों की जरूरतों को पूरा कर रही है। आज हर गरीब के घर में शौचालय, सिर ढंकने के लिए छत, घर में रसोई चलाने के लिए उज्ज्वला गैस योजना का कनेक्शन, गरीब को 5,00,000 रुपये का निशुल्क स्वास्थ्य बीमा देने के साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही है।
प्रदेश माफियाराज से मुक्त
सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने सुरक्षा का एक मॉडल दिया है। वर्ष 2017 से पहले पर्व और त्योहार आते ही लोगों के मन में भय व्याप्त हो जाता था। वहीं 2017 के बाद हर्षोल्लास से सभी पर्व और त्योहार बनाए जा रहे हैं। आज प्रदेश गुंडाराज और माफिया राज से मुक्त है। आज अयोध्या में निषाद राज,माता अहिल्या और माता शबरी की स्मृति हम सबके सामने हैं। यह हमें जटायु, रामायण काल का पहला बलिदानी, रामसेतु के निर्माण में गिलहरी के योगदान की भी याद दिला रही हैं। गिलहरी की प्रतिमा भी आज राम जन्मभूमि परिसर में देखी जा सकती है।




साइन इन