लखनऊ में नोएडा जैसा हादसा, कान में ईयर फोन और मंगेतर की कॉल से बची युवक की जान
नोएडा में इंजीनियर सड़क किनारे पानी भरे गड्ढे में कार समेत गिरा था। यहां सड़क किनारे कुएं में युवक बाइक अनियंत्रित होने पर गिरा। इस दौरान दलदल वाले कुएं में करीब सवा दो घंटे तक युवक पड़ा रहा।

लखनऊ में नोएडा के इंजीनियर जैसी खौफनाक घटना हुई है। अंतर इतना है कि वहां पुलिस पानी में नहीं उतरी और इंजीनियर की मौत हो गई। यहां समय पर मदद मिल गई और पानी में आधा डूब चुका युवक बचा लिया गया। युवक के कान में लगे ब्लूटूथ वाले ईयर फोन, मंगेतर की कॉल और दोस्त की तत्परता के बाद पुलिस युवक को बचा पाई। हादसा नगराम रोड पर हुआ। नोएडा में इंजीनियर सड़क किनारे पानी भरे गड्ढे में कार समेत गिरा था। यहां सड़क किनारे कुएं में युवक बाइक अनियंत्रित होने पर गिरा। इस दौरान दलदल वाले कुएं में करीब सवा दो घंटे तक युवक पड़ा रहा। पुलिस के आने तक उसका आधा शरीर डूब चुका था। फिलहाल युवक की हालत सामान्य है।
सुशांत गोल्फ सिटी स्थित अर्जुनगंज निवासी रितेश जायसवाल चौक में एक दुकान पर सेल्समैन हैं। बुधवार को रायबरेली में शिवगढ़ निवासी रितेश की मौसी के घर समारोह था। रात 10 बजे दुकान बंद करने के बाद रितेश चौक से अपनी बाइक लेकर मौसी के घर के लिए निकले। रितेश ने बताया कि उनकी बाइक में मोबाइल फोन होल्डर लगा है। उसी में मोबाइल लगाकर कान में ब्लूटूथ ईयरबड लगा लिया। मोबाइल पर गूगल मैप भी लगा लिया।
देर रात करीब 11:45 पर नगराम से करीब दो किमी दूर वह एक तीव्र मोड़ पर बाइक से संतुलन खो बैठा और सड़क किनारे खेत में उतर गया। वहीं पर जगतविहीन कुआं था, जिसमें रितेश गिर गया। मोबाइल ऊपर ही बाइक के होल्डर में लगा रह गया। ब्लूटूथ ईयरबड रितेश के कान से नहीं गिरा। रितेश ने बताया कि कुएं में पानी था। उसका आधा शरीर पानी के भीतर था। दलदल में वह धंस रहा था।
कुएं के भीतर निकली ईंटों पर टिकाए पांव
रितेश ने बताया कि उसकी पीठ पर बैग था, जिसमें टिफिन आदि कुछ जरूरी सामान था। शरीर को हल्का करने के लिए रितेश ने हेलमेट और बैग उतार कर पानी में ही फेंक दिया। फिर कुएं के भीतर निकली ईंटों पर संतुलन बनाकर खड़ा हो गया। ठंड में आधा शरीर भीगा होने के कारण रितेश कांप रहा था। उसने बताया कि शरीर सुन्न पड़ गया था। फिर भी उसने हिम्मत नहीं हारी।
12 बजे आई मंगेतर की कॉल
रितेश की शादी तय है। शुरुआती रस्में हो चुकी हैं। 20 फरवरी को उसकी रायबरेली में महाराजगंज निवासी युवती से शादी होनी है। रितेश ने बताया कि रोजाना रात करीब 12 बजे मंगेतर फोन करके खैरियत मालूम करती है। कुएं में जिंदगी और मौत से लड़ रहा रितेश किसी के फोन आने का इंतजार कर रहा था कि मंगेतर का फोन आ गया। पूरा वाकया सुनते ही मंगेतर के होश उड़ गए। दूर होने के कारण वह हड़बड़ा गई। ऐसे में रितेश ने मंगेतर को अपने दोस्त का फोन नंबर दिया और यकीन दिलाया कि दोस्त जरूर आएगा।
दोस्त ने निभाई दोस्ती
रितेश का पड़ोसी रितेश कश्यप एक मॉल में कर्मचारी है। रात करीब 12:30 पर मंगेतर ने उसे फोन करके बताया कि नगराम में रितेश कुएं में गिर गया है। उसके कान में ब्लूटूथ लगा है। फोन पर बात हो जाएगी। आनन-फानन में दोस्त भागा और कुछ रितेश से लगातार बात करते हुए पहुंचा लेकिन कुंआ नहीं तलाश पाया लिहाजा उसने नगराम पुलिस से मदद मांगी।
पुलिस के हूटर से पता चली लोकेशन
दोस्त ने बताया कि दो पुलिस कर्मी उसके पास आए। उन्हें बताया गया कि कुएं में गिरा रितेश मोबाइल फोन के जरिए लगातार जुड़ा है। पुलिसकर्मियों ने कहा कि हम लोग बाइक का हूटर बजाते हैं। जब रितेश को हूटर की आवाज सुनाई देगी तो वह जैसे ही बताएगा, हम लोग रुक जाएंगे। इसके बाद चंद मिनटों में ही रितेश ने कहा कि मैं हूटर सुन रहा हूं। बस, पुलिस ने बाइक रोकी और कुएं तक पहुंच गई। कंबल लटका कर पुलिस ने रितेश को निकाल लिया।




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