PM के क्षेत्र बनारस के आसपास चल रहा नकली सिरप रैकेट; लोकसभा में सांसद धर्मेंद्र यादव ने उठाया सवाल
लोकसभा में आजमगढ़ के सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र बनारस के आसपास जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़ और भदोही में भारी स्तर पर नकली सिरप की सप्लाई हो रही है, जिसकी वजह से देश और विदेश में सैकड़ों बच्चों की जान चली गई।

आजमगढ़ से सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने लोकसभा में नकली कफ़ सिरप का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि मुद्दा यह है कि यूपी के पूर्वांचल, विशेषकर बनारस के आसपास के जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़ और भदोही के इलाकों में पूरा का पूरा नकली कफ़ सिरप रैकेट चल रहा है। इस नकली सिरप को मध्य प्रदेश, राजस्थान, बंगाल और विदेशों में, जैसे बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका तक सप्लाई किया गया, जिसकी वजह से सैकड़ों बच्चों की जान चली गई।
उन्होंने कहा कि अफसोस की बात है कि जब शिकायत की जाती है तो पुलिस ध्यान नहीं देती। वैसे तो यूपी में जीरो टॉलरेंस, बुलडोज़र और अन्य कड़ी कार्रवाई होती है, लेकिन बच्चों के दर्द की यह स्थिति किसी को दिखाई नहीं देती। बनारस, जहां का प्रतिनिधित्व प्रधानमंत्री करते हैं और जहां मुख्यमंत्री महीने में चार-पांच बार दौरे करते हैं, वहां अंदर एक जाति विशेष के लोग पूरा का पूरा रैकेट चला रहे हैं।
इस रैकेट ने 2000 करोड़ से ज्यादा का व्यापार कर डाला। हमें पैसों की परवाह नहीं है, लेकिन जब मासूम की जान चली जाती है तो उस परिवार पर क्या बीतती होगी, यह कोई सोच सकता है। लेकिन माफिया लोग जिनकी आंखों में पानी नहीं है, जिनमें संवेदनाएं नहीं हैं, उनके लिए बच्चों या बुजुर्गों की जान का कोई महत्व नहीं है, बस उनकी कमाई बढ़ती रहे। इस रैकेट में शामिल पूर्वांचल के जिलों के माफियाओं को करोड़ों की गाड़ियां भी गिफ्ट की गई हैं। आप चाहें तो मैं उनके नाम भी बता दूंगा।
कफ सिरप कांड के आरोपी को मिल रही दामाद जैसी ट्रीटमेंट: अजय राय
उधर, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने कफ सिरप कांड के मास्टरमाइंड बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा है। राय ने आरोप लगाया है कि गिरफ्तारी के बाद सरकार आरोपी आलोक सिंह को दामाद जैसी ट्रीटमेंट दे रही है।
फेसबुक पेज पर बुधवार को एक पोस्ट शेयर करते हुए यह बात कही है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है, "कफ सिरप कांड के मास्टरमाइंड बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह को एसटीएफ गिरफ्तारी के बाद दामाद जैसी वीवीआईपी ट्रीटमेंट…!" उन्होंने आगे लिखा कि बाइक चोरी जैसी मामूली घटनाओं पर यूपी पुलिस तुरंत लंगड़ा कर देती है, लेकिन हज़ारों ज़िंदगियां बर्बाद करने वाले को ऐसा सम्मान क्यों?




साइन इन