दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे के शुभारंभ से पहले सांसद चंद्रशेखर का बड़ा दांव, गडकरी को लिखा लेटर
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के नामकरण का मामला उठाया है। इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल 2026 (अंबेडकर जयंती) को करने जा रहे हैं।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण की तैयारियों के बीच नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने एक बड़ा सियासी दांव चला है। सांसद ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को एक औपचारिक पत्र लिखकर इस एक्सप्रेसवे का नामकरण संविधान निर्माता परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर करने की मांग की है। एक्सप्रेसवे के शुभारंभ में हुई देरी पर भी चंद्रशेखर ने तंज कसा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल यानी बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती के मौके पर ही इस एक्सप्रेसवे का शुभारंभ करने वाले हैं। यह एक्सप्रेसवे यूपी के तीन जिलों से होकर गुजर रहा है।
विकास के साथ महापुरुषों को सम्मान
सांसद चंद्रशेखर ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, जिसे वर्ष 2023-24 तक पूरा होना था, लगभग दो वर्ष के विलंब के बाद अब जनता को समर्पित किया जा रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि इस भव्य परियोजना का नाम आधुनिक भारत के शिल्पकार और शोषितों-वंचितों के मुक्तिदाता डॉ. अंबेडकर के नाम पर रखना न केवल विकास का प्रतीक होगा, बल्कि उनके महान योगदान के प्रति राष्ट्र की एक सच्ची श्रद्धांजलि भी बनेगा।
बहुजन समाज के सम्मान से जोड़ा मुद्दा
चंद्रशेखर आजाद ने पत्र में जोर देकर कहा कि बाबा साहेब के नाम पर एक्सप्रेसवे का नामकरण करना देश के करोड़ों लोगों, विशेषकर बहुजन समाज के लिए गर्व और आत्मसम्मान का विषय होगा। उन्होंने नितिन गडकरी से अपील की कि वह जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस महत्वपूर्ण मांग पर सकारात्मक निर्णय लें। लोकार्पण से ठीक पहले की गई इस मांग ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
14 अप्रैल को पीएम मोदी करेंगे शुभारंभ
इस बीच, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और सरकार की ओर से इस महापरियोजना के उद्घाटन की तारीख भी तय हो गई है। जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल 2026 को इस एक्सप्रेसवे का भव्य शुभारंभ करने जा रहे हैं। गौरतलब है कि 14 अप्रैल को ही बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती भी है, ऐसे में सांसद चंद्रशेखर की मांग को और भी अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ढाई घंटे में तय होगा दिल्ली से दून का सफर
लगभग 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस 210 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी महज 2.5 घंटे में तय की जा सकेगी। वर्तमान में इस सफर में 6 से 7 घंटे का समय लगता है। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर बागपत, शामली और सहारनपुर होते हुए देहरादून तक पहुंचता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत राजाजी नेशनल पार्क से गुजरने वाला 12 किमी लंबा 'एलीवेटेड कॉरिडोर' है, जो एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बताया जा रहा है।




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