बोले मेरठ: अनदेखी, यहां भी हो सकता है नोएडा जैसा हादसा
Meerut News - नोएडा में एक युवा इंजीनियर की कोहरे में गहरे गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। यह घटना पूरे प्रदेश में चिंता का विषय बन गई है। मेरठ में भी ऐसे गड्ढे और खुले नाले लोगों की जान को खतरे में डाल रहे हैं। स्थानीय लोग निर्माण कार्यों में तेजी लाने और सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग कर रहे हैं।

नोएडा में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। एक युवा इंजीनियर, जो रोज की तरह अपने घर जा रहा था, कोहरे और अंधेरे में कार समेत एक गहरे गड्ढे में समा गया। बेसमेंट निर्माण के लिए खोदे गए उस गड्ढे ने उसकी सांसें छीन लीं। यह केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं थी, यह सिस्टम की अनदेखी, लापरवाही और चेतावनी को नजरअंदाज करने का भयावह नतीजा था। सवाल यह है कि क्या मेरठ ऐसे ही किसी हादसे का इंतजार कर रहा है? आज मेरठ शहर की तस्वीर भी कुछ अलग नहीं है। कोहरा छाने पर सड़कों पर दिखाई न देने वाले गड्ढे और खुले नाले हादसों को खुला निमंत्रण देने लगते हैं।
जगह-जगह चल रहे निर्माण कार्यों के कारण खुले चैंबर, खोदे गए गड्ढे और सड़कों के किनारे गहरे नाले आम आदमी की जान पर भारी पड़ सकते हैं। दिन में जो खतरे दिख जाते हैं, वही रात और कोहरे में मौत का जाल बन जाते हैं। नोएडा में एक इंजीनियर की गड्ढे में डूबने से हुई मौत ने पूरे सूबे को हिलाकर रख दिया। जहां कोहरे में इंजीनियर कार समेत बेसमेंट के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में जा गिरा और उसकी मौत हो गई। वहीं ऐसे ही गड्ढे और खुले नाले मेरठ शहर में भी हादसों को दावत देते नजर आते हैं। शहर में जगह-जगह चल रहे निर्माण कार्य के कारण खुले चैंबर, खोदे गए गड्ढे, टूटे डिवाइडर और खुले गहरे नाले कोहरे में ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं। शहर में मौजूद नालों में कई बार हादसे हो चुके हैं, कई लोगों की जान भी जा चुकी है। शहर में वेस्टर्न कचहरी रोड, गढ़ रोड, शास्त्री नगर में आरटीओ रोड की बदहाली के कारण रोज हादसे होते हैं। साथ ही खुले नालों की बात करें तो ओडियन नाला, हनुमान पुरी में एनएएस कॉलेज वाला नाला, बच्चा पार्क का नाला, अबू नाला, मोहनपुरी से जाने वाला नाला कई बार हादसों के कारण बन चुके हैं। खुले होने के साथ ही इनकी दिवारे छोटी हैं, कहीं तो नाले की दीवार ही नहीं है। ऐसे में कोहरा हो तो हादसों की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। हिन्दुस्तान बोले मेरठ टीम ने गड्ढों, डिवाइडर और खुले नालों के कारण होने वाले हादसों को लेकर लोगों से संवाद किया। जहां शहर के लोग चाहते हैं कि नोएडा जैसा हादसा यहां ना हो जाए, इसके लिए संबंधित विभाग निर्माण कार्य में तेजी लाए, खुले चैंबर बंद किए जाएं, टूटे डिवाइडर बनाए जाएं और नालों की दिवारें ऊंची की जाएं। वेस्टर्न कचहरी रोड पर खुले चैंबर और गड्ढे बने मुसीबत वेस्टर्न कचहरी रोड पर सीएम ग्रिड के तहत काम चल रहा है, जहां फाइबर और बिजली के तारों के लिए चैंबर बनाए हैं। वहीं कुछ जगहों पर सीवर लाइन के लिए गड्ढे खोदे गए, जिसके चलते कई महीनों से यह सड़क बदहाली झेल रही है। इस सड़क किनारे दुकानदार और आम लोगों का कहना है कि जबसे काम शुरू हुआ है, आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। पूरी सड़क की हालत खराब है, कीचड़ और मिट्टी के कारण बाइक सवार फिसलते रहते हैं। पाइप लाइन के लिए खोदी गई सड़क कभी भी बैठ जाती है, जिसमें वाहन फंस जाते हैं और पलटने का डर रहता है। कोहरे में सड़क पर खुले चैंबर और गड्ढों का डर है। इन खुले चैंबर को जल्द से जल्द बंद किया जाए और निर्माण कार्य को पूरा किया जाए। गहरे गड्ढे और सड़क पर पड़े पत्थर हादसों को दे रहे दावत गढ़ रोड पर भी सीएम ग्रिड के तहत चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य चल रहा है। वहीं नाले की पुलिया का निर्माण भी चल रहा है। जहां सड़क किनारे गहरे गड्ढे और फाइबर वाले खुले चैंबर से हादसों की संभावना है। शोहराबगेट बस अड्डे से पहले राजहंस रिजेंसी के सामने गढ़ रोड पर गहरे गड्ढे हैं, जिनमें गिरने से हादसा हो सकता है। नई सड़क के आसपास हालत और ज्यादा बदतर है। वहीं गढ़ रोड पर बन रही पुलिया के पास गहरा गड्ढा है, अगर कोहरा हो तो यह गड्ढा किसी की जान ले सकता है। गढ़ रोड पर ही काली नदी पर बना एक पुल जर्जर हो चुका है, जिसके ऊपर से आज भी वाहन गुजरते हैं। कोहरे में यहां हादसा होने का हमेशा डर रहता है। टूटी पुलिया, डिवाइडर और गहरे नाले जानलेवा हाल ही में मोदीपुरम क्षेत्र में कोहरे के कारण फर्नीचर व्यापारी की कार कार्यक्रम से लौटते समय पीएसी वाले नाले में गिर गई थी, जिसमें एक मासूम की जान चली गई थी। लोगों का कहना है अगर नालों को ढका भी न जाए तो उनकी दीवारें ऊंची कर दी जाएं, ताकि ऐसी घटनाएं ना हों। शिवाजी रोड पर पेट्रोल पंप के सामने टूटा डिवाइडर हादसे की संभावना बढ़ा देता है। हनुमानपुरी में नाले के साइड से गहरा गड्ढा और पूर्वा अहिरान फर्नीचर मार्केट में खतरनाक नाली, जो बड़ा हादसा करा सकते हैं। शहर में ओडियन नाला, हनुमानपुरी में एनएएस कॉलेज वाला नाला, बच्चा पार्क का नाला, अबू नाला, मोहनपुरी का नाला हादसों की आशंका के प्रतीक बन चुके हैं। कई नालों की दीवारें इतनी छोटी हैं कि जरा सा संतुलन बिगड़ते ही इंसान सीधे गहराई में जा गिरे। कैंट क्षेत्र में अबू नाले पर तो दीवार ही नहीं है, जिसमें कई बार हादसे हो चुके हैं। हादसों की संभावना को बढ़ाते पुलिया और गड्ढे लोगों का कहना है शहर में जिधर भी निकल जाओ वहीं गड्ढे और टूटी नालों की पुलिया नजर आती हैं। हालात इतने खराब हैं आए दिन इन जगहों पर हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी संबंधित विभाग कोई सुध लेने को तैयार नहीं है। किला परीक्षितगढ़ रोड, मवाना रोड, गढ़ रोड, आरटीओ रोड पर टूटी पुलिया और गहरे गड्ढों के कारण हादसे बहुत होते हैं। कोहरे के दौरान यही गड्ढे लोगों की जान लेने में पीछे नहीं रहते। अंधेरा और कोहरा बनता है हादसे का कारण लोगों का कहना है शहर में बहुत जगहों पर अंधेरा और कोहरा लोगों की जान का दुश्मन बनते हैं। स्ट्रीट लाइटें या फिर जानकारी के लिए रिफ्लेक्टर पट्टियां, साइन बोर्ड नहीं होने के कारण हादसे होते हैं। हाईवे पर कई बार हादसों का कारण ही साइन बोर्ड ना होना होता है या फिर अंधेरे में सड़क किनारे खड़े वाहन होते हैं। वहीं अगर गड्ढे या नाले हो तो यह अंधेरी वाली जगह और भी खतरनाक हो जाती है। जहां अंधेरे और कोहरे में ना तो गड्ढे दिखते हैं और ना ही नाला दिखता है। इन हादसों को रोकने के लिए विभागों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। समस्या - शहर में जगह-जगह सड़क किनारे गड्ढे हुए पड़े हैं - ज्यादातर नाले खुले हैं और हादसों को दावत देते हैं - नालों की दीवारें भी काफी छोटी हैं, कहीं तो हैं ही नहीं - कुछ जगह पर कोहरे व अंधेरे के कारण हादसे होते हैं - सड़कों पर बहुत जगह गड्ढे, टूटे डिवाइडर खतरनाक हैं - डिवाइडर या टर्निंग प्वाइंट पर रिफ्लेक्टर पट्टी नहीं होतीं समधान - शहर में सड़क किनारे खोदे गए गड्ढे जल्द भरे जाएं - खुले नालों को पाटा जाए या सुरक्षा व्यवस्था की जाए - नालों की दीवारें ऊंची की जाएं ताकि कोई उसमें ना गिरे - कोहरे व अंधेरे के कारण हादसे वाली जगह चिह्नित की जाएं - सड़कों पर टूटे डिवाइडर ठीक किए जाने चाहिए - सड़कों पर रिफ्लेक्टर पट्टियां और चिह्न लगाए जाएं हमारी भी सुनो वेस्टर्न कचहरी रोड पर जब से सीएम ग्रिड का काम चल रहा है, पूरी सड़क के हालात खराब हो गए हैं, लोग चल भी नहीं सकते। - जावेद अख्तर पूरी सड़क पर गहरे गड्ढे हैं और चैंबर खुले हुए हैं, जिसमें रात को अंधेरे और कोहरे के दौरान गिरने का खतरा रहता है। - कमल इस सड़क पर महीनों से काम चल रहा है, गड्ढे खोदकर डाल दिए हैं, जिसमें गिरकर कई लोग तो बुरी तरह घायल हो चुके हैं। - मेहराज इस सड़क पर कोई बुजुर्ग चल नहीं सकता, गड्ढे और कीचड़, मिट्टी इतनी रहती है कि कभी भी आदमी गिरकर घायल हो जाए। - रामचंद्र भूटानी रोज रोज गड्ढे खोदकर छोड़ देते हैं, फिर उनमें लोग गिरते हैं, चोट खाते हैं, महीनों से हालत खराब है, सड़क ठीक की जाए। - मो. अशफाक पूरे शहर के हालात ही खराब हुए पड़े हैं, जगह-जगह सड़क खोद दी गई है और गहरे गड्ढे हो गए हैं, ऊपर नाले खतरनाक हैं। - अनीस अहमद यह गड्ढा मेरे घर-दुकान के सामने है, ना तो अभी तक ढका गया और ना ही सड़क ठीक की जा रही, कोई भी गिर सकता है। - मनोज अग्रवाल सड़क पर कई जगह गड्ढे हैं, आए दिन लोग गिरते रहते हैं, यह हाल इस सड़क का ही नहीं है, बल्कि पूरे शहर में हालात ऐसे हैं। - आकिफ जो काम चल रहा है उसे जल्द किया जाना चाहिए, ताकि खोदे गए गड्ढों में कोई गिरकर अपनी जान ना गवाए, जल्द गड्ढे भरे जाएं। - अभिषेक शहर में जिधर भी निकल जाओ हालात खराब है, सड़कें खुदी पड़ी हैं और नालों की हालत खराब है, जिनकी दीवारें बहुत छोटी हैं। - जियाउद्दीन शहर में खुले नाले, नालियां और गड्ढे बहुत खतरनाक हो चुके हैं, वहीं सड़कों पर कई जगह टूटे डिवाइडर भी हादसों का कारण बनते हैं। - नितपाल सिंह हनुमानपुरी का नाला, शिवाजी रोड पर डिवाइडर, पूर्वा अहिरान में इंदिर चौक के पास खुली नाली हादसों को दावत देते नजर आते हैं। - लोकेश चंद्रा गढ़ रोड की हालत इतनी खराब है कि आए दिन एंबुलेंस फंसती रहती है, गहरे गड्ढे हो गए हैं और रात में तो हादसों का डर रहता है। - कृपाल सिंह डिग्गी तिराहे के पास सड़क टूटी पड़ी है, जिसमें गहरे गड्ढे हो गए हैं, यहां डिवाइडर के पास खंभे कोहरे में दिखाई नहीं देते हैं। - रामपाल नई सड़क के पास सड़कों पर पत्थर पड़े हुए हैं और जो नाले की पुलिया बन रही है उसके पास गहरा गड्ढा है, जिसमें हादसा हो सकता है। - सुनील कुमार गढ़ रोड पर गड्ढे हुए पड़े हैं, डिवाइडर भी कई जगह टूटे पड़े हैं, गाड़ी कई बार कोहरे में दूसरी तरफ चली जाती है, एक्सीडेंट होते रहते हैं। - भजनलाल शहर में खुले नाले के कारण कई बार हादसे होते हैं, कुछ जगहों पर तो नालों की दीवारें तक नहीं हैं, जिनमें लोग गिर जाते हैं। - रियाजुद्दीन गढ़ रोड की स्थिति बहुत खराब है, कहीं पत्थर सड़क पर पड़े हैं, गहरे गड्ढे हैं और डिवाइडर टूटे पड़े हैं, कभी भी हादसा हो सकता है। - अली हसन
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